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नक्सलवाद पर PM मोदी के बयान से भड़के पप्पू यादव: देश के बुद्धिजीवियों को दी गाली, माफी मांगें प्रधानमंत्री

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पटना। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एसआईआर, वंदे मातरम विवाद, नक्सलवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी, रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और तेजस्वी यादव के प्रस्तावित राजभवन मार्च को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसके माध्यम से लोकतंत्र और संविधान की मूल ताकत को कमजोर किया गया है।

पप्पू यादव ने कहा कि जब लोकतांत्रिक व्यवस्था को ही कमजोर कर दिया गया तो फिर बचा क्या है। उन्होंने सरकार पर जबरदस्ती सत्ता में बने रहने का आरोप भी लगाया।

एसआईआर को लेकर सरकार पर सीधा हमला

आईएएनएस से बातचीत में पप्पू यादव ने एसआईआर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसकी बात की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से लोकतंत्र को बर्बाद किया गया और संविधान की मूल ताकत को खत्म किया गया।

उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र की बुनियाद ही कमजोर कर दी गई है तो अब बचा क्या है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जबरदस्ती बना ली गई है।

वंदे मातरम विवाद पर भाजपा को घेरा

वंदे मातरम को लेकर भाजपा की ओर से कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा को जो बोलना है, वह बोलेगी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है।

पप्पू यादव ने भाजपा पर बच्चों को डराने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने संविधान और झंडे को नहीं माना, वे अब वंदे मातरम को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने भाजपा की राजनीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पार्टी के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है।

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बोले, जेन जी ने हिंदू मुस्लिम और पिछड़े अगड़े का भेद खत्म किया

पप्पू यादव ने जेन जी के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी ने हिंदू मुस्लिम और पिछड़े अगड़े के मुद्दों से आगे बढ़कर अपनी अलग सोच दिखाई है।

उन्होंने कहा कि जेन जी ने समाज में मौजूद इन विभाजनों को खत्म करने का काम किया है। पप्पू यादव के मुताबिक मौजूदा राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी के सवालों और उसकी सोच को समझने की जरूरत है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी से माफी की मांग

नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि नक्सली कौन है और जेन जी के आंदोलन के बाद उन्हें नक्सली कहां से नजर आ गए।

उन्होंने कहा कि देश के बौद्धिक लोगों को गाली दी गई है और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। पप्पू यादव ने जेन जी आंदोलन और नक्सलवाद को एक दूसरे से जोड़ने पर भी सवाल उठाया।

रांची छात्र विरोध पर राहुल गांधी का बचाव

रांची में छात्रों की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी के सवाल पर पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मामले पर एक बार नहीं बल्कि कई बार बोल चुके हैं।

पप्पू यादव ने दावा किया कि राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत भी की है और मुख्यमंत्री की ओर से भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कहने से कुछ नहीं होगा क्योंकि बच्चे संतुष्ट हैं।

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तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च पर भी नजर

पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव के नियोजित राजभवन मार्च को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एसआईआर और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विपक्ष की राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

बिहार की राजनीति में एसआईआर, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। पप्पू यादव के ताजा बयान ने इस बहस को और धार दे दी है।

लोकतंत्र और संविधान के मुद्दे पर विपक्ष का सरकार पर हमला

पप्पू यादव के बयान से साफ है कि वह एसआईआर के मुद्दे को केवल मतदाता सूची से जुड़ा प्रशासनिक विषय नहीं मानते, बल्कि इसे लोकतंत्र और संविधान से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

वहीं वंदे मातरम, नक्सलवाद और रांची छात्र आंदोलन जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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