सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की 21 दिन की फरलो अवधि समाप्त हो गई है। फरलो पूरी होने के बाद राम रहीम बुधवार को रोहतक स्थित सुनारिया जेल वापस लौटेगा। उसकी वापसी को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। डेरा प्रबंधन की ओर से भी वापसी का समय और पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सिरसा डेरा परिसर में बढ़ी अनुयायियों की आवाजाही
21 दिन की फरलो के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा परिसर में रहा। इस दौरान डेरा परिसर में अनुयायियों की आवाजाही लगातार बनी रही। फरलो की अवधि पूरी होने के बाद अब उसे वापस सुनारिया जेल भेजा जाएगा।
सुरक्षा कारणों के चलते राम रहीम की वापसी का निर्धारित समय सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस सुरक्षा के बीच उसे सिरसा से रोहतक की सुनारिया जेल ले जाया जाएगा। प्रशासन की ओर से वापसी के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
करीब नौ साल में 17वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम
राम रहीम वर्ष 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब नौ वर्षों में यह 17वीं बार है जब वह पैरोल या फरलो के माध्यम से जेल से बाहर आया है।
इस वर्ष भी उसे तीसरी बार अस्थायी रिहाई मिली। इससे पहले जनवरी में उसे 40 दिन की राहत मिली थी। इसके बाद 26 मई को वह 30 दिन की छुट्टी पर जेल से बाहर आया था। 25 जून को वह वापस सुनारिया जेल पहुंचा था। अब 21 दिन की फरलो पूरी होने के बाद उसे फिर जेल लौटना होगा।
दुष्कर्म और हत्या के मामलों में काट रहा सजा
गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा मिली हुई है। इन मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद वह वर्ष 2017 से सुनारिया जेल में बंद है।
कैदियों को निर्धारित नियमों के तहत पैरोल और फरलो की सुविधा दी जाती है। हालांकि, राम रहीम को बार बार पैरोल और फरलो मिलने को लेकर समय समय पर विवाद और सवाल उठते रहे हैं।
अकाल तख्त ने भी फरलो पर जताई थी आपत्ति
राम रहीम को मिली मौजूदा फरलो पर सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त की ओर से भी आपत्ति जताई गई थी। अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए राम रहीम को बार बार पैरोल और फरलो दिए जाने पर सवाल उठाया था।
उनका कहना था कि एक ओर लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई का मामला लंबित है, वहीं दूसरी ओर राम रहीम को बार बार अस्थायी रिहाई मिल रही है।
पीड़ित परिवार की ओर से भी विरोध
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने भी राम रहीम को बार बार पैरोल और फरलो दिए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा था कि ऐसी अस्थायी रिहाई से पीड़ित परिवारों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
अब 21 दिन की फरलो पूरी होने के बाद राम रहीम को वापस सुनारिया जेल ले जाया जाएगा। उसकी वापसी को देखते हुए सिरसा से लेकर रोहतक तक प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

