Home » विविध इंडिया » सेमिकॉन इंडिया 2025: भारत कैसे बन रहा है सेमिकंडक्टर हब?

सेमिकॉन इंडिया 2025: भारत कैसे बन रहा है सेमिकंडक्टर हब?

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub
Facebook
Twitter
WhatsApp

दिल्ली। सेमिकॉन इंडिया 2025 की तैयारियां सुर्खियों में हैं, क्योंकि भारत वैश्विक सेमिकंडक्टर उद्योग में अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के यशोभूमि (IICC) में इस मेगा इवेंट का उद्घाटन करेंगे।

यह तीन दिवसीय आयोजन (2-4 सितंबर) भारत का सबसे बड़ा सेमिकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रदर्शन मंच होगा, जिसमें 33 देशों की 350 से अधिक कंपनियां, 50+ वैश्विक विशेषज्ञ और 15,000 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे।

 

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

 

भारत सेमिकंडक्टर मिशन (ISM): आत्मनिर्भर भारत की नींव

भारत सेमिकंडक्टर मिशन (ISM), जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत कार्य करता है, 2021 में 76,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुआ। इसका उद्देश्य भारत को सेमिकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण, और आपूर्ति श्रृंखला में वैश्विक हब बनाना है।

सेमिकॉन इंडिया 2025 इस मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो वैश्विक और घरेलू हितधारकों को एक मंच पर लाता है।

 

ये भी पढ़ें : बिहार: ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का जोर: प्रियंका गांधी वाड्रा 26 अगस्त को होंगी शामिल

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ऐलान किया कि इस साल के अंत तक भारत में ‘मेड इन इंडिया’ सेमिकंडक्टर चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगी।

यह भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ISM के तहत अब तक 10 सेमिकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 6 राज्यों में 2,034 नौकरियां शामिल हैं।

इनमें माइक्रोन टेक्नोलॉजी (गुजरात), टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (गुजरात और असम), और सिक्सेम (ओडिशा) जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

 

ये भी पढ़ें : इंग्लैंड दौरे के लिए साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम का ऐलान, केशव महाराज समेत कई खिलाड़ियों की वापसी

 

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

 

सेमिकॉन इंडिया 2025 की प्रमुख विशेषताएं

सेमिकॉन इंडिया 2025 कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। यह आयोजन न केवल भारत की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:

 

ये भी पढ़ें : इंग्लैंड दौरे के लिए साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम का ऐलान, केशव महाराज समेत कई खिलाड़ियों की वापसी

 

वैश्विक भागीदारी: 33 देशों की 350+ कंपनियां, जैसे Applied Materials, ASML, IBM, Infineon, Micron, SK Hynix, और Tata Electronics, इस आयोजन में हिस्सा लेंगी। पहली बार जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, और मलेशिया के 4 कंट्री पवेलियन शामिल होंगे।

 

 

अंतरराष्ट्रीय राउंडटेबल्स: 6 वैश्विक राउंडटेबल्स और 8 देशों के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं होंगी, जो आपूर्ति श्रृंखला, सतत विकास, और उन्नत डिजाइन पर केंद्रित होंगी।

 

कौशल विकास: पहली बार वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जो माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स में करियर अवसरों को बढ़ावा देंगे। 2030 तक 10 लाख कुशल कर्मचारियों की जरूरत को पूरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

ये भी पढ़ें : पूजा पाल की चिट्ठी पर शिवपाल यादव का बड़ा बयान, ‘हम हत्या की राजनीति नहीं करते’

 

डिज़ाइन स्टार्टअप्स: एक समर्पित स्टार्टअप मंडप नवाचार-आधारित चिप डिज़ाइन उद्यमों को प्रोत्साहित करेगा।

 

राज्य सरकारों की भागीदारी: 9 भारतीय राज्यों के पवेलियन इस आयोजन में शामिल होंगे, जो पिछले संस्करणों की तुलना में अधिक है।

 

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

 

वैश्विक सहयोग और भारत की भूमिका

सेमिकॉन इंडिया 2025 वैश्विक सेमिकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र में भारत के बढ़ते एकीकरण को दर्शाता है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में ताइवान (60% उत्पादन) और चीन जैसे देशों का दबदबा रहा है, लेकिन कोविड-19 महामारी ने आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को उजागर किया। भारत इस अवसर का लाभ उठाकर एक विश्वसनीय वैकल्पिक हब बनने की दिशा में काम कर रहा है।

 

ये भी पढ़ें : गंगा बैराज पुल पर यातायात पूर्णतः बंद, मरम्मत कार्य में तेजी, जल्द सुचारू होने की उम्मीद

 

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में वैश्विक सेमिकंडक्टर कंपनियों के साथ चर्चा की, जिसमें माइक्रोन, NXP, PSMC, और IMEC जैसे दिग्गज शामिल थे। यह सहयोग भारत में निवेश और तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देगा। उदाहरण के तौर पर, माइक्रोन टेक्नोलॉजी का गुजरात में 22,516 करोड़ रुपये का निवेश और टाटा का धोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भारत की विनिर्माण क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।

 

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

 

नौकरी के अवसर और आर्थिक प्रभाव

सेमिकॉन इंडिया 2025 न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि लाखों नौकरियों के अवसर भी पैदा करेगा। अनुमान है कि भारत का सेमिकंडक्टर बाजार 2023 में 38 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 100-110 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

ISM के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स, जैसे सिक्सेम का सिलिकॉन कार्बाइड प्लांट और 3डी ग्लास का उन्नत पैकेजिंग प्रोजेक्ट, मिसाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, और सौर इनवर्टर जैसे क्षेत्रों में रोजगार सृजन करेंगे।

 

ये भी पढ़ें : ‘बिहार की जनता खटारा सरकार से मुक्ति चाहती है’ :तेजस्वी यादव

 

इसके अलावा, डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) स्कीम के तहत स्टार्टअप्स को 1,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे युवा इंजीनियरों को चिप डिज़ाइन और अनुसंधान में प्रोत्साहन मिलेगा। मध्य प्रदेश में 150 करोड़ रुपये के निवेश से बन रहा IT कैंपस ड्रोन, रोबोट, और कंप्यूटर जैसे उपकरणों के लिए चिप्स का उत्पादन करेगा।

 

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

 

भविष्य की संभावनाएं

सेमिकॉन इंडिया 2025 भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह आयोजन न केवल भारत की तकनीकी क्षमताओं को विश्व मंच पर प्रदर्शित करेगा, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करेगा। 2030 तक भारत का लक्ष्य सेमिकंडक्टर उद्योग में वैश्विक नेता बनना है, और यह आयोजन उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “21वीं सदी टेक्नोलॉजी ड्रिवन है। जिन देशों ने तकनीक में महारत हासिल की, वे शिखर पर पहुंच गए।” सेमिकॉन इंडिया 2025 भारत के इस दृष्टिकोण को साकार करने का एक मंच है, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

ये भी पढ़ें : ‘जयचंदों से सावधान हो जाओ’, तेज प्रताप यादव की तेजस्वी यादव को नसीहत

Semicon India 2025: Building a Semiconductor Hub

अमित सैनी
Author: अमित सैनी

अमित सैनी एक वरिष्ठ पत्रकार है, जिन्हें नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्री सैनी 'द एक्स इंडिया' के प्रधान संपादक भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *