शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में सोमवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौतम को पुलिस ने जवाबी कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान गौतम के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ पांच जुलाई को हुए जानलेवा हमले के मामले में मुकदमा दर्ज था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
चेकिंग के दौरान अचानक पुलिस पर कर दी फायरिंग
जानकारी के अनुसार सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात कोतवाली शामली पुलिस की टीम सिम्भालका अंडरपास के नीचे वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मेरठ की ओर से तेज रफ्तार बाइक पर एक युवक आता दिखाई दिया।
पुलिस टीम ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और बाइक लेकर बलवा चौराहे की ओर भागने लगा। इसके बाद पुलिस टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया।
चकरोड़ पर बाइक फिसली तो फिर चलाई गोली
पुलिस के अनुसार आरोपी मुख्य मार्ग छोड़कर बलवा गांव की ओर जाने वाली चकरोड़ पर पहुंच गया। इसी दौरान अचानक उसकी बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिर पड़ा।
पुलिस टीम जब उसके नजदीक पहुंची तो आरोपी ने दोबारा तमंचे से गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान गोली बदमाश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तमंचा, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा बरामद किया है। इसके अलावा दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी के पास से बिना नंबर प्लेट की पैशन मोटरसाइकिल भी बरामद की है। बरामद हथियार और वाहन को कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पांच जुलाई के जानलेवा हमले में था वांछित
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गौतम लिलौन निवासी आजाद का पुत्र है। वह पांच जुलाई की रात रविंद्र कुमार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में वांछित चल रहा था।
आरोप है कि गौतम और उसके साथी विनीत उर्फ सोनी ने रविंद्र कुमार के घर के बाहर गाली गलौज की थी। रविंद्र की ओर से विरोध करने पर दोनों ने तमंचे से फायरिंग कर दी थी।
घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। विनीत को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि गौतम फरार हो गया था।
13 मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गौतम के खिलाफ शामली जिले के अलग अलग थानों में 13 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, गुंडागर्दी निवारण अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार गौतम के खिलाफ वर्ष 2009 से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का रिकॉर्ड सामने आया है। लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
फरारी के दौरान संपर्कों की भी होगी जांच
गौतम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसकी फरारी के दौरान उसके संपर्क में रहे लोगों और उसके आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास बरामद हथियार कहां से आया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और वर्तमान मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए गौतम का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।



