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यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: दो नए एक्सप्रेसवे, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, 220 इलेक्ट्रिक बसों और मानसून सत्र को मंजूरी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, शिक्षा, परिवहन, महिला कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने दो नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, 220 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, विश्वविद्यालयों में शोध पीठ की स्थापना और विधानमंडल के मानसून सत्र समेत कई अहम निर्णयों पर मुहर लगाई।

दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक करीब 333 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 26,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दी गई है। करीब 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ता के चयन को ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर मंजूरी दी गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को हरी झंडी

कैबिनेट ने वर्ष 2025-26 से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी।

योजना में दिव्यांग छात्राओं, शहीदों के आश्रितों और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।

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उच्च शिक्षा में शोध और छात्रावासों पर जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए शोध पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना के तहत पात्र विश्वविद्यालयों को दो करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखी जाएगी और उसके ब्याज से शोध गतिविधियां संचालित होंगी।

कैबिनेट ने वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण के लिए लगभग 2.48 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसके अलावा वाराणसी में 500 बेड वाले मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई।

220 इलेक्ट्रिक बसें और अग्निशमन सेवाओं को मजबूती

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के लिए 220 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जिन पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

साथ ही उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को पोर्टल संचालन और कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण देने का भी फैसला किया गया।

अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदने की मंजूरी भी दी गई है, जिससे संकरी गलियों और दुर्गम क्षेत्रों में आग बुझाने की क्षमता बढ़ेगी।

3 से 6 अगस्त तक चलेगा विधानमंडल का मानसून सत्र

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक बुलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस दौरान सरकार विभिन्न विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट भी पेश करेगी।

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इसके अलावा महिला कल्याण विभाग के लिपिकीय कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संशोधन, राज्यपाल सचिवालय एवं घरेलू सेवा से संबंधित नई सेवा नियमावली तथा कानपुर नगर में उप-निबंधक कार्यालय के नए भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


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