Home » धर्म-कर्म » कल मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मशीनों की पूजा का महत्व

कल मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मशीनों की पूजा का महत्व

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पकार और दिव्य वास्तुकार माना जाता है। निर्माण, वास्तुकला, शिल्प और तकनीकी कौशल से जुड़े लोगों के लिए विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन कारखानों, दुकानों, वर्कशॉप और अन्य कार्यस्थलों पर मशीनों, औजारों और उपकरणों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कामकाज में सफलता, तरक्की और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

कल है विश्वकर्मा पूजा, तारीख को लेकर न रहें असमंजस में

विश्वकर्मा पूजा को लेकर कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि पर्व कब मनाया जाएगा। इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इसे विश्वकर्मा जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

यह पर्व कन्या संक्रांति के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से निर्माण कार्य, इंजीनियरिंग, मशीनरी, तकनीकी काम, कारखानों और विभिन्न प्रकार के शिल्प से जुड़े लोग भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं।

सुबह से दोपहर तक रहेगा पूजा का शुभ समय

विश्वकर्मा पूजा के लिए सुबह 7 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

पूजा करने वाले लोग अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय में भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर सकते हैं।

देवताओं के दिव्य निर्माणकर्ता माने जाते हैं भगवान विश्वकर्मा

धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य निर्माणकर्ता के रूप में वर्णित किया गया है। उन्हें शिल्प, निर्माण और वास्तुकला का अधिष्ठाता देव माना जाता है। इसी कारण विश्वकर्मा पूजा का संबंध केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मेहनत, हुनर और तकनीकी दक्षता के सम्मान से भी जोड़कर देखा जाता है।

ALSO READ THIS :  गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का संयोग, जानें 14 सितंबर का पंचांग और शुभ मुहूर्त

विश्वकर्मा पूजा के दिन कारखानों और कार्यस्थलों में मशीनों तथा उपकरणों को विशेष रूप से साफ किया जाता है। इसके बाद उन्हें पूजा में शामिल किया जाता है।

मशीनों से लेकर औजारों और वाहनों तक की होती है पूजा

विश्वकर्मा पूजा की खास परंपरा यह है कि इस दिन केवल भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा की पूजा नहीं की जाती, बल्कि कामकाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी पूजा में शामिल किया जाता है।

फैक्ट्री में लगी मशीनें, दुकानों के उपकरण, वर्कशॉप के औजार और वाहन आदि को साफ करके पूजा स्थल पर रखा जाता है। इन पर रोली और अक्षत लगाकर फूल चढ़ाए जाते हैं। कई स्थानों पर मशीनों और उपकरणों को सजाया भी जाता है।

ऐसे करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा

विश्वकर्मा पूजा के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनने की परंपरा है। इसके बाद सबसे पहले पूजा स्थल और कार्यस्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। मशीनों, औजारों और अन्य उपकरणों को भी साफ कर लेना चाहिए।

इसके बाद एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित की जाती है। पूजा स्थल का गंगाजल से शुद्धिकरण किया जा सकता है। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान विश्वकर्मा का पूजन शुरू किया जाता है।

रोली, अक्षत, फूल और मिठाई से करें पूजन

पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा को रोली, अक्षत, चंदन, फूल, माला, फल, मिठाई और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करते हुए मंत्र जाप किया जाता है।

काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों और मशीनों पर भी रोली और अक्षत लगाकर फूल चढ़ाए जाते हैं। पूजा पूरी होने के बाद भगवान की आरती की जाती है और भोग लगाया जाता है। इसके बाद प्रसाद सभी लोगों में वितरित किया जाता है।

ALSO READ THIS :  इंदिरा एकादशी: जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति, जानें शुभ मुहूर्त और पितरों को प्रसन्न करने के उपाय

कई जगहों पर होता है हवन और विशेष आयोजन

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कई कारखानों, वर्कशॉप और कार्यस्थलों पर विशेष पूजा के साथ हवन का भी आयोजन किया जाता है। कर्मचारी और कारोबारी मिलकर भगवान विश्वकर्मा का पूजन करते हैं और अपने काम में सफलता तथा समृद्धि की कामना करते हैं।

विश्वकर्मा पूजा को मेहनत, हुनर, तकनीकी कौशल और अपने कार्य के प्रति सम्मान का पर्व भी माना जाता है। यही वजह है कि देशभर में तकनीकी और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच इस पर्व का विशेष महत्व है।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

प्राचीन देवस्थान की जमीन पर कब्जे का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग: देवस्थान और कब्रिस्तान की भूमि अलग-अलग चिह्नित होने के बावजूद कराया जा रहा निर्माण, डीएम से बोले- पैमाइश के बाद भी नहीं हटा निर्माण

ज़रूर पढ़ें