नोएडा। दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही एक डबल डेकर बस में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर अचानक आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। एक्सप्रेस-वे के 33 किलोमीटर प्वाइंट पर हुई इस घटना में एक महिला समेत नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 26 यात्रियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे पर देर रात से सुबह तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस, दमकल और जिला प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं।
देखते ही देखते आग के गोले में बदल गई बस
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र के अनुसार, डबल डेकर बस बुधवार की मध्य रात्रि दिल्ली के कश्मीरी गेट से करीब 35 यात्रियों को लेकर महोबा के लिए रवाना हुई थी। बस जब यमुना एक्सप्रेस-वे के 33 किलोमीटर प्वाइंट पर पहुंची, तभी उसमें अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में बस का बड़ा हिस्सा आग की लपटों और धुएं से घिर गया।
घटना के समय बस में कई यात्री सो रहे थे। अचानक आग लगने और धुआं भरने के कारण यात्रियों में चीख पुकार मच गई। कुछ यात्रियों को आसपास मौजूद लोगों और अन्य यात्रियों ने जगाया, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
धुएं से घुटने लगा दम, कई यात्री हुए बेहोश
आग लगने के बाद बस के अंदर तेजी से धुआं भर गया। इससे कई यात्रियों का दम घुटने लगा और कुछ लोग बेहोश हो गए। रेस्क्यू टीमों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती कराए गए यात्रियों की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है।
दमकल और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए शीशे तोड़े गए। कई हिस्सों में यात्री फंसे होने की आशंका के चलते गैस कटर की मदद से बस को काटकर रास्ता बनाया गया। इसके बाद अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला गया।
सोते रह गए यात्री, बाहर निकलने का नहीं मिला मौका
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि घटना के वक्त काफी यात्री सो रहे थे। आग और धुएं के तेजी से फैलने के कारण उन्हें संभलने और बस से बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। इसी वजह से कई यात्री बस के भीतर फंस गए और उनकी जलने से मौत हो गई।
हादसे के बाद बस का अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत और बचाव दल को शवों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और दमकल कर्मियों ने गैस कटर से बस के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकाला।
रिंकी ने सुनाई खौफनाक रात की कहानी
बस में सवार रिंकी राजपूत ने हादसे के भयावह मंजर को बयां किया। रिंकी के मुताबिक वह नोएडा से डबल डेकर बस में सवार हुई थीं और अपने घर राठ जा रही थीं। घटना के समय वह भी बस के अंदर सो रही थीं। इसी दौरान एक यात्री ने उनके केबिन को जोर जोर से पीटकर उन्हें जगाया।
रिंकी ने बताया कि जागने के बाद उन्हें बस में आग लगने की जानकारी हुई। इसके बाद वह किसी तरह बस से बाहर निकल आईं। उस समय यात्रियों में इतनी अफरा तफरी मची हुई थी कि किसी को अपना सामान उठाने तक का मौका नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भाग रहे थे।
सामान, नकदी और जेवर भी आग की भेंट चढ़े
हादसे में यात्रियों का काफी सामान भी जलकर खाक हो गया। यात्रियों के मुताबिक बस में रखा सामान, नकदी, जेवर, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी वस्तुएं आग की चपेट में आ गईं। जान बचाने की आपाधापी में यात्री अपना सामान वहीं छोड़कर बाहर निकल गए।
रिंकी ने दावा किया कि घटना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उन्होंने इस हादसे में मृतकों की संख्या और अधिक होने की आशंका भी जताई है। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल नौ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि हादसे में मृतकों में एक महिला भी शामिल है। कुछ मृतकों की पहचान कर ली गई है, जबकि कुछ की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस मृतकों की पहचान कराने के साथ उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में राहत और बचाव कार्य जारी रहा। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
एक दर्दनाक रात ने कई परिवारों को उजाड़ दिया
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय चल रही बस में जब अधिकांश यात्री नींद में थे, उसी दौरान आग लगने से उन्हें संभलने का मौका बेहद कम मिला। कुछ यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन नौ लोगों की जिंदगी धधकती बस में ही खत्म हो गई।
पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना के हर पहलू की जांच में जुटी हैं। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

