Home » उत्तर प्रदेश » जर्जर स्कूलों के वीडियो पर भड़के सीएम योगी: विपक्ष पर बोला हमला, रसोइयों को दिया बड़ा तोहफा

जर्जर स्कूलों के वीडियो पर भड़के सीएम योगी: विपक्ष पर बोला हमला, रसोइयों को दिया बड़ा तोहफा

Facebook
Twitter
WhatsApp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रसोइया सम्मान समारोह के दौरान एक ओर प्रदेश के परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत लाखों रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और स्कूलों की जर्जर इमारतों को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं।

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत करीब 3.53 लाख रसोइयों के लिए मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की। इस दौरान प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर रसोइयों को सम्मानित किया गया।

रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर किया जाएगा तीन हजार रुपये

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें मानदेय बढ़ाकर 3,000 रुपये करना, दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता, रसोइया परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा और ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 11 रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि रसोइयों को केवल मानदेय देने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा का भी लाभ मिले।

योगी ने कहा कि रसोइयों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। दुर्घटना की स्थिति में परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं बीमारी की स्थिति में रसोइया और उसके परिवार के सदस्य सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार करा सकेंगे।

ALSO READ THIS :  विरासत सनातन धर्म की पहचान, महापुरुषों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : योगी 

‘रसोइयों का काम बच्चों का पेट भरना ही नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उनका काम केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर स्वस्थ बचपन तैयार करना भी है।

उन्होंने रसोइयों से रसोई की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने रसोई में अनधिकृत लोगों के प्रवेश को रोकने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने की जरूरत बताई, ताकि खाद्य विषाक्तता जैसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे।

जर्जर स्कूलों के वीडियो पर विपक्ष को घेरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कुछ स्कूलों की जर्जर इमारतों के वीडियो सामने आने को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में इन भवनों का निर्माण हुआ था, वही आज उनकी बदहाली के वीडियो दिखाकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

योगी ने कहा कि सरकार ऐसे जर्जर भवनों को चिह्नित कर उन्हें नए भवनों में बदलने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

‘2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था की हालत खराब थी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं थी। गरीब परिवारों के बच्चों को गर्मी में तपते रास्तों और सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ता था।

ALSO READ THIS :  राहुल गांधी पर अनिल राजभर का पलटवार, बोले- भारत से लगाव रखने वाला हर नागरिक पीएम मोदी के साथ खड़ा

उन्होंने दावा किया कि अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को नकल से मुक्त करने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में भी काम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार, बालवाटिका, आईसीटी लैब और स्कूलों में अन्य सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें।

अखिलेश यादव पर ‘बबुआ’ कहकर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उन्हें ‘बबुआ’ कहकर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चलाने के लिए समय और मेहनत दोनों की आवश्यकता होती है।

योगी ने कहा कि उनकी सरकार लगातार काम कर रही है और सरकार के स्तर पर एक-एक योजना तथा विभाग के काम की समीक्षा की जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दोपहर में उठते थे, तैयार होने के बाद शाम को जिम जाते थे और फिर महफिल जमती थी, उनके पास प्रदेश के लिए समय कहां था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार के पास प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त समय है और इसी वजह से योजनाओं के परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी सपा सरकार पर हमला

मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जमीनों पर कब्जे होते थे और बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में चिंता रहती थी।

ALSO READ THIS :  यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी ढेर,मुजफ्फरनगर से कौशांबी तक था खौफ,जाने इस खूंखार अपराधी के जुर्म की खौफनाक कहानी

योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है और महिलाओं तथा बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें आम नागरिक सुरक्षित महसूस करे।

रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए उनके बैंक खाते खुलवाकर मानदेय सीधे खातों में भेजने की व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है। रसोइयों के लिए घोषित दुर्घटना सहायता और कैशलेस चिकित्सा सुविधा को इसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पीएम पोषण योजना के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने रसोइयों से अपने दायित्व का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और स्वच्छता के साथ करने की अपील की।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें