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बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर का तोहफा, योगी बोले बेटियां अब डरेंगी नहीं, सपने देखेंगी और रात में भी सुरक्षित लौटेंगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा, पेंशन, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और महिलाओं के स्वावलंबन को लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहां बेटी बिना डर के घर से निकले, पढ़ाई करे, नौकरी और कारोबार करे तथा जरूरत पड़ने पर रात में भी सुरक्षित अपने घर लौट सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल कानून व्यवस्था का विषय न मानकर उसे तकनीक और संस्थागत व्यवस्था से जोड़ा गया है।

‘देख सपाई बिटिया घबराई’ से ‘बेटी बेखौफ’ तक का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि एक समय प्रदेश में ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ जैसा नारा सुनाई देता था। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए व्यापक तंत्र विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए काम कर रही है, जिसमें महिलाएं अपनी शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से ले सकें।

2017 से पहले महिला सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रभावी व्यवस्थाओं का अभाव था। उनके मुताबिक उस समय न पर्याप्त हेल्पलाइन थीं, न कमांड सेंटर और न ही सीसीटीवी का व्यापक नेटवर्क।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं में बिचौलियों और भ्रष्टाचार का प्रभाव था और महिलाओं के लिए निर्धारित सहायता पूरी तरह पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 और 112 जैसी सुविधाओं के जरिए महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या लगभग 45 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि आगामी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद है।

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योगी ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिली है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें वे खुद को सुरक्षित महसूस करें।

300 रुपये की पेंशन से 12 हजार रुपये सालाना सहायता तक का जिक्र

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय महिलाओं को पेंशन के नाम पर केवल 300 रुपये दिए जाते थे और उसमें भी भ्रष्टाचार की शिकायतें रहती थीं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पात्र महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दे रही है और यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी लाभार्थी के खाते से पैसा निकालने या उसमें किसी तरह की गड़बड़ी करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बेटी के जन्म से शिक्षा और रोजगार तक योजनाओं का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की योजनाओं का केंद्र अब बेटी और महिला हैं। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक अलग अलग चरणों में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक शिक्षा के विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से भी पात्र परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

उज्ज्वला योजना का जिक्र, महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कही यह बात

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने महिलाओं को केवल रसोई के धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि धुएं से होने वाली बीमारियों से बचाने में भी मदद की है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए घरों में शौचालय, नल से जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं के जीवन में सुविधाओं के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।

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माफिया राज के आरोपों के साथ पिछली सरकार को घेरा

सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में माफिया और अव्यवस्था का बोलबाला था। उन्होंने नकल माफिया, भूमि माफिया, बालू माफिया और पशु माफिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय ये लोग समानांतर सत्ता चला रहे थे।

उन्होंने कहा कि उस दौर में बेटी के जन्म पर परिवार खुश होने के बजाय उसकी पढ़ाई और शादी के खर्च को लेकर चिंतित रहता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में बदलाव आया है।

‘बेटियां बस पकड़ने से नहीं, सपने देखने से भी डरती थीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियां बस पकड़ने से ही नहीं, बल्कि सपने देखने से भी डरती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं के लिए सुरक्षा और स्वावलंबन का ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वला, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं महज सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को जीवन के अलग अलग पड़ाव पर सहायता देने का माध्यम हैं।

महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नारी शक्ति अधिनियम संबंधी पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सुरक्षा देने के साथ साथ उसे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को अब रोडवेज में मुफ्त सफर

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ रहा। योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी।

सरकार के अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 88 हजार 438 महिला यात्रियों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। योजना का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें यात्रा के खर्च से राहत देना है।

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रक्षाबंधन पर तीन दिन महिलाओं को सहयात्री के साथ मुफ्त सफर

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की महिलाएं एक सहयात्री के साथ निशुल्क रोडवेज बस यात्रा कर सकेंगी।

इसके बाद उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की निवासी महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की स्थायी सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के जरिए बुजुर्ग महिलाओं को प्रदेश के भीतर यात्रा करने के लिए किराये की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

स्मार्ट कार्ड से मिलेगी योजना की सुविधा

योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए परिवहन निगम पात्र महिलाओं के लिए विशेष स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पात्रता और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को सुचारु बनाने की तैयारी है।

सरकार के अनुमान के मुताबिक इस योजना के लागू होने से प्रदेश सरकार पर हर महीने करीब 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

‘उम्र नहीं बनेगी स्वतंत्र आवाजाही में बाधा’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर शुरू की गई यह योजना बुजुर्ग महिलाओं को सुविधा देने के साथ उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देती है।

उन्होंने कहा कि उम्र महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि बुजुर्ग महिलाएं बिना आर्थिक बोझ के प्रदेश में कहीं भी आ जा सकें और जरूरी कामों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।

महिलाओं ने जताया आभार, परिवहन बसों में सुरक्षा पर भी जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आई महिलाओं से संवाद भी किया। उन्नाव से आई एक महिला ने योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब जरूरी काम या रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए उन्हें यात्रा खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

परिवहन विभाग के मुताबिक रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था तीन दिनों तक रहेगी। रोडवेज बसों में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जीपीएस और पैनिक बटन जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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