लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। जहां सरकार इसे प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने वाला कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
प्रदेश सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य पहले से चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना और जरूरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार जिन योजनाओं में अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता महसूस की गई है, उनके लिए इस बजट में प्रावधान किया जाएगा।
किसानों, महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट: सुरेश खन्ना
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अनुपूरक बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास कार्यों में तेजी लाना और जनहित से जुड़ी योजनाओं को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जहां भी अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी, वहां बजट के माध्यम से व्यवस्था की जाएगी, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को गति मिल सके।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी मजबूती: मंत्री
मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने भी अनुपूरक बजट को प्रदेश के विकास के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार इस बजट के जरिए बुनियादी ढांचे, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को और मजबूत करने का काम करेगी।
वहीं मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि बजट सत्र सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। बजट पेश होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों के लिए नए प्रावधान किए गए हैं और जनता को इसका कितना लाभ मिलेगा।
सपा ने साधा निशाना, कहा- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा बजट
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने अनुपूरक बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। सपा के डिप्टी चीफ व्हिप आरके वर्मा ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले पेश किए गए बजट का ही पूरी तरह उपयोग नहीं हो पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई योजनाएं भ्रष्टाचार की वजह से प्रभावित हुई हैं। आरके वर्मा ने कहा कि नया अनुपूरक बजट भी भ्रष्टाचार का शिकार हो सकता है और मानसून सत्र में इसे लाने का कोई विशेष औचित्य नहीं है।
विधानसभा में होगी बजट पर चर्चा
अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विधानसभा में इस पर चर्चा होगी। सत्ता पक्ष जहां इसे प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन और धन के इस्तेमाल को लेकर घेरने की तैयारी में है।
मानसून सत्र के दौरान अनुपूरक बजट को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।


