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पूजा के दौरान विवाद, फिर घर में बरसी गोलियां: आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को भी मारी गोली, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार देर रात एक बेहद गंभीर और दर्दनाक वारदात सामने आई। अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में अरविंद नाम के व्यक्ति पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। वारदात के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को भी कमरे में बंधक बना लिया। पुलिस के अनुसार, समझाने और आत्मसमर्पण के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन आरोपी ने एक बेटे को भी गोली मार दी।

इसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम कमरे के अंदर पहुंची। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे और घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कमरे से दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पूजा के दौरान विवाद के बाद शुरू हुआ खूनी सिलसिला

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अरविंद के घर में पूजा का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद स्थिति अचानक हिंसक हो गई।

पुलिस के अनुसार, अरविंद ने अपनी पत्नी बबीता और दो पुजारियों पर गोली चला दी। गोली लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अहरौला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।

घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया।

तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया आरोपी

पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया। स्थिति बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने की कोशिश शुरू की।

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पुलिस अधिकारियों ने आरोपी से बातचीत करने का प्रयास किया। उसके परिजनों की भी मदद ली गई, ताकि वह बच्चों के साथ कमरे से बाहर आकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लगातार परिजनों और बच्चों को गोली मारने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने उसे कई बार चेतावनी दी और समझाने का प्रयास किया।

समझाने के दौरान बेटे को मारी गोली

पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, पर्याप्त चेतावनी और बातचीत के बावजूद आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही पुलिस टीम ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कमरे के अंदर प्रवेश किया।

पुलिस का कहना है कि कमरे में घुसते ही आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से चेतावनी दिए जाने के बावजूद फायरिंग जारी रही।

बच्चों को बचाने के लिए पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई

एसपी के मुताबिक, कमरे में मौजूद बच्चों की जान को तत्काल खतरा देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस ने आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। अस्पताल में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।

वहीं पुलिस टीम ने कमरे से दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है।

बंधक बच्चों को बचाने में जुटी रही पुलिस, कमांडो रेस्क्यू की भी हुई कोशिश

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल बुलाया। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने शुरुआत में संयम बरतते हुए आरोपी को बातचीत के जरिए बाहर निकालने का प्रयास किया। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए कमांडो के जरिए रेस्क्यू की कोशिश भी की गई।

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एडीजी नवीन अरोड़ा के अनुसार, पुलिस की प्राथमिकता कमरे में बंधक बनाए गए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था। पुलिस अधिकारियों ने बातचीत के जरिए स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी के लगातार हिंसक व्यवहार के कारण हालात बिगड़ते चले गए।

एसपी की टीम के बातचीत के दौरान हुई फायरिंग

एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि आजमगढ़ के एसपी की टीम भी आरोपी से बातचीत करने के लिए अंदर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी।

इसके बाद जब पुलिस ने बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हुआ। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मौके पर एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

वारदात के बाद घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एसओजी और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है।

फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल की जांच की जा रही है और वारदात में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

एक ही वारदात ने पूरे गांव को दहला दिया

शम्भूपुर गांव में हुई इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है। एक तरफ घर में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में खूनी वारदात में बदल गया, वहीं दूसरी तरफ आरोपी के अपने बच्चों को कमरे में बंद कर लेने के बाद पुलिस के सामने उन्हें सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

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पत्नी और दो पुजारियों की मौत के बाद आरोपी की पुलिस के साथ मुठभेड़ और फिर उसके बेटे की मौत ने घटना को और भी गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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