मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र के शेरनगर गांव की एक विधवा ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अपने प्लॉट पर जबरन कब्जा कराने और गन्ने की फसल नष्ट करने की शिकायत DM से की है। रहनुमा का कहना है कि जिस जमीन पर गन्ने की फसल खड़ी थी, वही उसके और उसके दो छोटे बच्चों के परिवार की आजीविका का सहारा थी। महिला ने पूरे मामले की जांच कराकर जमीन वापस दिलाने और फसल के नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।
डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में रहनुमा ने बताया कि उसके पति स्वर्गीय अरशद दिव्यांग थे और करीब तीन साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं—8 साल का बेटा और 6 साल की बेटी। महिला के अनुसार परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है।
रहनुमा के मुताबिक, उसके पति के हिस्से में करीब सवा बीघा जमीन आई थी। इसी जमीन पर उसने गन्ने की फसल उगा रखी थी। उसका कहना है कि फसल की आमदनी से ही वह बच्चों की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद लगाए थी।
महिला ने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर न्यायालय में चल रहे एक बंटवारे के विवाद में वह और उसका पति पक्षकार नहीं थे। इसके बावजूद कथित तौर पर उनका नाम सूचना पत्र में शामिल कर दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को कानूनगो, लेखपाल और नई मंडी पुलिस की मौजूदगी में लियाकत को उसके प्लॉट पर कब्जा दिलाए जाने और खड़ी गन्ने की फसल नष्ट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
रहनुमा ने मामले में पेशकार, संबंधित कानूनगो और लेखपाल, नई मंडी पुलिस की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उसने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, जमीन वापस दिलाई जाए और नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाया जाए।
महिला ने प्रशासन को यह भी बताया है कि यदि उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वह अपने दोनों बच्चों के साथ 2 अक्टूबर को डीएम कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होगी। फिलहाल महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों या दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।

