मुजफ्फरनगर में रविवार शाम बाइक सवार पति–पत्नी और मासूम बेटी की ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से हुई मौत ने पुलिस को अलर्ट कर दिया है।
SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर “नो हेलमेट, नो हाईवे” अभियान शुरू किया गया है। इसका मकसद सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जान बचाना है।

हाईवे पर उतरी SP सिटी और CO की टीम
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और सीओ मंडी राजू कुमार साव भारी पुलिस बल के साथ हाईवे पर उतरे। मेरठ-देहरादून और मेरठ-हरिद्वार हाईवे से जुड़े 66 लिंक मार्ग चिन्हित किए गए।
इन पर चेकिंग पॉइंट बनाए गए। बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को रोका गया। उन्हें वापस हेलमेट लेने भेजा गया। इस अभियान के तहत हाईवे पर बिना हेलमेट दुपहिया वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है।
पहले जागरूकता, फिर सख्ती
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि अभियान दो चरणों में है। पहले 7 दिन जागरूकता चलेगी। बिना हेलमेट वालों का चालान नहीं काटा जाएगा।
उन्हें समझाया जाएगा कि हेलमेट लगाने से एक्सीडेंट में जान बच सकती है। 7 दिन बाद उल्लंघन पर चालान और वाहन सीज की कार्रवाई होगी। फ्लैक्स बैनर भी लगाए गए हैं ताकि मैसेज 24 घंटे दिखे।

NHAI, PWD और राजस्व विभाग से समन्वय
अभियान में NHAI, PWD और राजस्व विभाग से समन्वय किया गया है। पुलिस की रोजाना चेकिंग में बिना हेलमेट हाईवे जा रहे या लौट रहे चालकों को रोका जा रहा है।
उन्हें हेलमेट की जरूरत समझाई जा रही है। घर से निकलते समय हेलमेट लगाने की अपील की जा रही है।
जान बचाने की मुहिम
एसपी सिटी ने कहा कि हेलमेट लगाना आवश्यक है। एक्सीडेंट होने पर जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। यह जन जागरूकता अभियान है।
पुलिस और संबंधित एजेंसियों का लक्ष्य एक्सीडेंट की संख्या कम करना है। अगर एक्सीडेंट होता भी है तो मौतों की संख्या न्यूनतम हो।

जनता से अपील
पुलिस ने जनता से सहयोग मांगा है कि
“घर से हेलमेट लगाकर निकलें। हाईवे पर बिना हेलमेट न जाएं। अभियान से सड़कें सुरक्षित होंगी। मुजफ्फरनगर में दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। जान है तो जहान है, हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें!”



