कानपुर। शिवराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मदनपुर गांव से रविवार की सुबह एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गांव के बाहर स्थित एक सुनसान कब्रिस्तान में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक 32 वर्षीय युवक का शव पेड़ की डाल पर फंदे से लटका हुआ देखा। मृतक की शिनाख्त मदनपुर गांव के ही रहने वाले रंजीत यादव के रूप में की गई है। इस खौफनाक मंजर को देखते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई। रंजीत की इस आकस्मिक मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया है।
शनिवार की रात से लापता था रंजीत, सुबह खेतों की तरफ गए ग्रामीणों की फटी रह गई आंखें
पारिवारिक सूत्रों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, बत्तीस वर्षीय रंजीत यादव शनिवार की देर रात अचानक बिना किसी को कुछ बताए अपने घर से निकला था। रातभर वापस न लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थे कि रविवार की सुबह खेतों की ओर काम के सिलसिले में गए कुछ ग्रामीणों की नजर कब्रिस्तान के भीतर एक पेड़ पर पड़ी। पेड़ से रंजीत का शव लटकता देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और उन्होंने शोर मचाकर अन्य लोगों को वहां बुलाया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रंजीत पहले गांव के पास ही एक चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था, जिससे उसके परिवार का भरण-पोषण अच्छे से हो रहा था। लेकिन धीरे-धीरे वह शराब की अत्यधिक लत का शिकार हो गया। शराब के इस जानलेवा शौक के कारण उसका चलता-फिरता कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और वह पूरी तरह बेरोजगार हो गया। दुकान बंद होने के कारण घर में भीषण आर्थिक तंगी (कंगाली) ने पैर पसार लिए, जिसके चलते आए दिन परिवार में गृहक्लेश और विवाद होने लगा था। माना जा रहा है कि इसी अवसाद और कंगाली से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। रंजीत अपने पीछे रोती-बिलखती पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गया है, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा मौत के असली कारणों का खुलासा
“प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के कारण की गई आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही विधिक रूप से मौत के असली कारणों की पुष्टि हो सकेगी।”



