मुजफ्फरनगर। जनपद के थाना भौराकला क्षेत्र के गांव सिसोली में मकान विवाद को लेकर हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। पीड़ित परिवार ने गांव के ही चार लोगों पर दिव्यांग युवक के साथ मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और लगातार समझौते का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
मकान विवाद के चलते हुआ हमला, दिव्यांग युवक को बनाया निशाना
पीड़ित परिवार के अनुसार गांव में लंबे समय से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला राहुल खागड़ उनके मकान को खरीदना चाहता था, लेकिन परिवार द्वारा मकान बेचने से इनकार किए जाने के बाद विवाद लगातार बढ़ता गया।
पीड़ित के भाई सोनू ने बताया कि उनका बड़ा भाई संजय आरा मशीन से बाइक पर लकड़ी बांधकर घर लौट रहा था। रास्ते में पहले से मौजूद राहुल, बबलू, धर्मेंद्र और एक अन्य व्यक्ति ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने बाइक से लकड़ी निकालकर उसी से संजय पर हमला कर दिया और जमकर मारपीट की।
सोनू का आरोप है कि जब परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने महिलाओं के साथ भी अभद्रता की, उनके कपड़े फाड़े और गलत नीयत से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों के साथ भी मारपीट की गई।
जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। इसी आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी मुकदमे में शामिल की हैं। परिवार का कहना है कि घटना के बाद से आरोपी लगातार समझौता करने का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं।
दिव्यांग संजय ने सुनाई आपबीती
घायल संजय ने बताया कि वह एक पैर से दिव्यांग हैं और घटना के समय लकड़ी लेकर घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में आरोपियों ने हाथ देकर उन्हें रोका और बिना किसी उकसावे के मारपीट शुरू कर दी।
संजय ने बताया कि आरोपियों ने लकड़ी के फट्टों से उन पर हमला किया और विशेष रूप से उनके दिव्यांग पैर को निशाना बनाया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनका कहना है कि घटना के बाद भी आरोपी लगातार गांव में आने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और जबरन फैसला करने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने थाना भौराकला में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई। परिवार के अनुसार पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिजनों ने मांग की है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना भय के अपने गांव में रह सकें।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
थाना भौराकला पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



