मुज़फ्फरनगर। CBSE की नई री-एग्जाम पॉलिसी मुज़फ्फरनगर के छात्र कामरान अहमद के लिए सफलता का सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। 10वीं के पहले घोषित परिणाम में 96 प्रतिशत अंक आने के बाद कामरान ने हताश होने के बजाय बोर्ड की नई नीति का लाभ उठाया और दोबारा परीक्षा देकर अपना स्कोर 99.4 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। इतना ही नहीं, इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया में तीसरी रैंक भी हासिल कर जिले और उत्तर प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया।

शहर के प्रतिष्ठित माउंट लिटरा ज़ी स्कूल के छात्र एवं खालसा पट्टी, सुजड़ू निवासी कामरान की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। सोमवार को स्कूल प्रबंधन ने उन्हें 11 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।
सोमवार अपराह्न करीब 3 बजे अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कामरान ने बताया कि पहले परिणाम में 96 प्रतिशत अंक आए थे, लेकिन उन्हें विश्वास था कि उनकी मेहनत के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं। इसी दौरान CBSE की नई परीक्षा नीति लागू हुई, जिसके तहत उन्होंने री-एग्जाम दिया। दूसरे परिणाम में उनके अंक बढ़कर 99.4 प्रतिशत हो गए और उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर तीसरी रैंक प्राप्त हुई।

कामरान ने बताया कि सफलता के पीछे किसी कोचिंग का नहीं, बल्कि नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास का योगदान है। वह प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते हैं और मोबाइल का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई के लिए औसतन एक घंटे तक करते हैं।
उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और माउंट लिटरा ज़ी स्कूल के पूरे स्टाफ को दिया। उनका कहना है कि परिवार और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

कामरान की माता आयशा ने बताया कि उनके बेटे ने बिना किसी ट्यूशन के केवल अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि कामरान शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहा है और आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बन गया है।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि कामरान शुरू से ही एक अनुशासित और मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

इतना ही नहीं, योगी के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भी रविवार को अपने आवास पर बुलाकर कामरान को शुभकामनाएं दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



