देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों के लिए बुधवार को येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विभाग के अनुसार, मौजूदा मौसम की स्थिति 25 जुलाई तक बनी रह सकती है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पहाड़ी मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा आने से यातायात बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
इसके अलावा, तेज बारिश के कारण कई नाले और नदियां उफान पर आ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना है।
देहरादून में बारिश से जनजीवन प्रभावित
राजधानी देहरादून में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मंगलवार को हुई तेज बारिश का सबसे अधिक असर रायपुर और राजपुर क्षेत्रों में देखने को मिला। कई नाले उफान पर आ गए, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया और कई घरों में बारिश का पानी घुस गया। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि वाहन चालकों के लिए भी सड़कें जोखिमपूर्ण बन गईं।
142 सड़कें हुईं प्रभावित, बहाली का कार्य जारी
लगातार बारिश का असर राज्य के अन्य जिलों में भी देखने को मिला। मौसम संबंधी कारणों से मंगलवार को पूरे उत्तराखंड में 142 सड़कें प्रभावित हुईं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू करते हुए शाम तक इनमें से 54 सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया, जबकि शेष मार्गों को खोलने का कार्य जारी है।
लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि सड़कों को जल्द से जल्द चालू किया जा सके।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा सावधानी
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।



