नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने अंतरराज्यीय लुटेरों के एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लग्जरी कार में सवार होकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और घरों में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लोनी, गाजियाबाद के रहने वाले हैं और द्वारका सहित दिल्ली के कई इलाकों को निशाना बना रहे थे। गिरोह पुलिस की नजरों से बचने और लोगों को गुमराह करने के लिए लग्जरी कार का इस्तेमाल करता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक, अतुल और सुहैल के रूप में हुई है।
पीसीआर कॉल के बाद शुरू हुई जांच, सीसीटीवी से मिला अहम सुराग
पुलिस ने बताया कि 17 और 18 जुलाई की दरमियानी रात करीब 1:53 बजे द्वारका नॉर्थ थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। सूचना देने वाले ने बताया कि एक व्यक्ति कट्टा लेकर एक इमारत के अंदर घुसा है, जबकि उसका साथी बाहर कार में बैठा हुआ है।
इमारत में स्थित एमएनजी ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के चौकीदार दिलीप कुमार ने “चोर-चोर” चिल्लाते हुए संदिग्धों को देखने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक को सीढ़ियों से अंदर जाते देखा गया। कुछ देर बाद वह बाहर निकला और मुख्य सड़क पर खड़ी कार में बैठकर फरार हो गया। भागते समय उसकी जेब से हथियार जैसी वस्तु नीचे गिर गई, जिसे उसने उठाया और मौके से भाग निकला।
घटना के बाद द्वारका एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में स्पेशल स्टाफ की टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि आरोपी एक किया कार का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के जरिए कार का करीब 60 किलोमीटर तक पीछा करते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
लोनी से द्वारका तक निगरानी, फिर तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने लोनी और द्वारका क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी। 22 और 23 जुलाई की देर रात वही संदिग्ध कार एक बार फिर द्वारका क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार में सवार दीपक, अतुल और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान दीपक के कब्जे से एक आधुनिक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, अतुल और सुहैल के पास से दो सिंगल-शॉट पिस्तौल और दो कारतूस मिले। कार की तलाशी लेने पर एक बैग भी मिला, जिसमें घरों में सेंधमारी और चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार रखे हुए थे।
गिरोह का सरगना पहले भी लूट के मामले में वांछित रह चुका है
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना दीपक पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वर्ष 2023 में गौतमबुद्ध नगर के दनकौर थाना क्षेत्र में दर्ज एक लूट के मामले में वह वांछित था। बाद में गाजियाबाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ अवैध हथियार रखने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में और कितनी लूट व चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही उनके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है।



