देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अल्मोड़ा के प्राचीन कपिलेश्वर शिव मंदिर का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। सावन के पावन महीने में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अल्मोड़ा पहुंचने पर इस प्राचीन शिवधाम के दर्शन करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने मंदिर की धार्मिक और ऐतिहासिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए लोगों को उत्तराखंड के इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कपिलेश्वर शिव मंदिर अपनी प्राचीन विरासत, विशिष्ट स्थापत्य कला और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विशेष पहचान रखता है।
अल्मोड़ा से करीब 12 किलोमीटर दूर है कपिलेश्वर मंदिर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए बताया कि कपिलेश्वर शिव मंदिर अल्मोड़ा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित है। इसे उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह मंदिर कत्यूरी शासनकाल में निर्मित बताया जाता है। मंदिर की स्थापत्य शैली और धार्मिक महत्व इसे श्रद्धालुओं के साथ साथ इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनाते हैं।
सावन में भक्तिमय हो उठता है मंदिर परिसर
सीएम धामी ने बताया कि सावन के पावन महीने में कपिलेश्वर शिव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिलता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यदि वे अल्मोड़ा जनपद आएं तो कपिलेश्वर शिव मंदिर के दर्शन अवश्य करें और इस प्राचीन शिवधाम की आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करें।
नीलकंठ महादेव मंदिर का भी साझा किया था वीडियो
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे एक दिन पहले 12 अगस्त को ऋषिकेश के निकट पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था।
उन्होंने नीलकंठ महादेव मंदिर को देवाधिदेव महादेव को समर्पित अत्यंत पावन तीर्थस्थल बताते हुए कहा था कि पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यह धाम सावन के महीने में विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है।
लाखों शिवभक्त पहुंचते हैं नीलकंठ धाम
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा था कि देशभर से शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर नीलकंठ महादेव पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
उन्होंने पौड़ी गढ़वाल जनपद आने वाले श्रद्धालुओं से नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन करने का भी आग्रह किया था।
कांवड़ मेला सफल बनाने वालों का जताया था आभार
सीएम धामी ने 11 अगस्त को कांवड़ मेला 2026 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने वाले देशभर से आए शिवभक्तों का आभार जताया था।
उन्होंने कहा था कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड ने श्रद्धा का विराट स्वरूप देखा, जहां करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्था का बेहतर समन्वय देखने को मिला।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों के योगदान की सराहना की थी।
उन्होंने कहा था कि इतने बड़े जनसमागम को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रार्थना की थी कि सभी शिवभक्तों पर उनकी कृपा बनी रहे और उनकी मनोकामनाएं पूरी हों।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
कपिलेश्वर मंदिर का वीडियो साझा करने के साथ मुख्यमंत्री की ओर से उत्तराखंड के प्राचीन धार्मिक स्थलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास भी दिखाई दिया। सावन के दौरान ऐसे मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था और आवाजाही बढ़ जाती है।
कपिलेश्वर मंदिर जैसे प्राचीन शिवधाम उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अल्मोड़ा की यात्रा के दौरान इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के दर्शन जरूर करें।



