नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा भेजते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ ही पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त होने का निर्णय लिया है। पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की।
शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे को लेकर साझा किए गए पत्र में कहा कि उन्होंने बेहद विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ एक बार फिर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपा है और इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पार्टी में मिले मार्गदर्शन, सम्मान, स्नेह और अवसरों के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया।
पीएम मोदी और वरिष्ठ नेताओं के प्रति जताया आभार
शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं और संघ परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो भरोसा, मंच और जिम्मेदारी दी, उसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि एक युवा पसमांदा मुस्लिम और बिना किसी राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के लिए इस तरह का अवसर किसी अन्य देश या किसी अन्य राजनीतिक दल में मिलना शायद ही संभव हो पाता।
भावुक अंदाज में कहा, पार्टी छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं
अपने इस्तीफे के ऐलान में शहजाद पूनावाला ने भाजपा से अपने भावनात्मक जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह उस पार्टी और राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी से विदा ले रहे हैं, जिसे उन्होंने बहुत प्यार किया।
पूनावाला ने साफ किया कि पार्टी की व्यवस्था से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण तथा कार्यों के प्रति उनका समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं।
पहले भी दे चुके थे इस्तीफे की पेशकश
शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफा पत्र में बताया कि उन्होंने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भी भाजपा नेतृत्व को पत्र लिखकर पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
उन्होंने बताया कि उस समय पार्टी ने उनके त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था। पूनावाला के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने काफी विचार-विमर्श और गंभीर मनन किया, लेकिन अंततः अपने निर्णय पर कायम रहने का फैसला किया।
पिछले दिनों की घटनाओं का भी किया जिक्र
पूनावाला ने अपने पत्र में कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और उन व्यक्तियों से जुड़ी परिस्थितियों, जिनके बारे में उन्होंने भाजपा नेतृत्व को विस्तार से जानकारी दी थी, ने उन्हें अपने पूर्व निर्णय पर कायम रहने के लिए मजबूर किया।
हालांकि उन्होंने अपने सार्वजनिक बयान में इन घटनाओं या संबंधित व्यक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे मुख्य रूप से अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया है।
निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी
शहजाद पूनावाला ने कहा कि वह अब निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की सक्रिय राजनीति से अलग होने का उनका फैसला व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जहां भी और जिस भी स्वरूप में संभव होगा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण तथा कार्यों का समर्थन करते रहेंगे। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे से बाहर जाने के बावजूद भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनका राजनीतिक समर्थन जारी रहेगा।
विकसित भारत और मेक इन इंडिया के विजन को आगे बढ़ाने की बात
शहजाद पूनावाला ने अपने संदेश में विकसित भारत और मेक इन इंडिया से जुड़े विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन और विजन आगे भी अधिक जोश और जुनून के साथ जारी रहेगा।
उनके इस्तीफे के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता के संगठनात्मक राजनीति से बाहर होने के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पूनावाला ने अपने बयान में पार्टी छोड़ने के साथ ही भाजपा की विचारधारा और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने समर्थन को स्पष्ट रूप से बनाए रखा है।
लंबे समय से भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे पूनावाला
शहजाद पूनावाला भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सार्वजनिक रूप से मजबूती के साथ रखते रहे हैं। टेलीविजन बहसों और मीडिया संवादों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
अब उनके निजी क्षेत्र में जाने के फैसले के बाद भाजपा में उनकी संगठनात्मक भूमिका समाप्त हो जाएगी। हालांकि उन्होंने अपने बयान में यह संकेत दिया है कि राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के विजन के समर्थन में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।



