नई दिल्ली। एआईसीसी मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की कथित प्रतिक्रिया को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद सोमवार को और गहरा गया। एनडीए और भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के सम्मान के साथ किसी भी तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
विभिन्न नेताओं ने सोनिया गांधी के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से देश से माफी मांगने की मांग की। हालांकि, इस पूरे विवाद के केंद्र में मौजूद वीडियो और उसमें दिखाई देने वाली घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
‘वंदे मातरम’ पर सियासी पारा चढ़ा
कोलकाता में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को ‘वंदे मातरम’ के संबंध में संसद द्वारा पारित कानून और देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सोनिया गांधी ने ऐसा व्यवहार क्यों किया। जयंत चौधरी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्कि देश के लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है और इसके प्रति सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।
भाजपा सांसद ने वायरल वीडियो का किया जिक्र
दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के कथित अनादर का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम’ या राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजता अथवा गाया जाता है, तब लोगों को सम्मानपूर्वक खड़ा होना चाहिए। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम’ के दौरान जो किया, वह राष्ट्रगीत का सीधा अपमान है।
भाजपा सांसद ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जुड़े गीतों के सम्मान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने भी कांग्रेस नेतृत्व से मांगी माफी
हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के कथित व्यवहार को लेकर देशभर में नाराजगी है।
उन्होंने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो टेलीविजन और सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में रोष है। रामचंद्र राव ने सोनिया गांधी के साथ राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश का राष्ट्रीय गीत है और इसके सम्मान को लेकर सभी को संवेदनशील रहना चाहिए।
विजय शर्मा बोले, गाना रोकने की बात कैसे स्वीकार्य
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित घटना देखी और उन्हें यह व्यवहार अजीब लगा।
विजय शर्मा ने कहा कि जिस समय लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना चाहिए, उस समय कथित तौर पर गाना रोकने के लिए कहा जा रहा था। उन्होंने सवाल किया कि भारत में ‘वंदे मातरम’ गाए जाने से रोकने की कोशिश को कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
मनीषा कायंदे ने घटना को बताया अपराध
मुंबई में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने इस मामले पर और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कथित घटना को अपराध बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की मांग की।
कायंदे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देशभक्ति से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है और इसे इस तरह रोकने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
सीआर केसवन ने कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना
हैदराबाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी. आर. केसवन ने भी सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे ‘वंदे मातरम’ को गाने से रोकने की कथित कोशिश गंभीर गलती है और इसका कोई बचाव नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह महज भूल या चूक नहीं बल्कि शर्मनाक घटना है। केसवन ने सोनिया गांधी को ‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान के लिए जिम्मेदार ठहराने की मांग की।
1905 के इतिहास का भी किया जिक्र
सी. आर. केसवन ने अपने बयान में ‘वंदे मातरम’ से जुड़े औपनिवेशिक इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1905 में ब्रिटिश शासन ने सार्वजनिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गाने पर रोक लगा दी थी और इसे अपराध घोषित किया गया था।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आज उसकी सोच ब्रिटिश शासन जैसी हो गई है। यह बयान सामने आने के बाद विवाद ने राजनीतिक और ऐतिहासिक दोनों रंग ले लिया है।
कांग्रेस की ओर से जवाब का इंतजार
‘वंदे मातरम’ को लेकर सामने आए आरोपों के बाद भाजपा और एनडीए नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से जवाब और माफी की मांग की है। फिलहाल इस मामले में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दल जहां इसे राष्ट्रीय भावना से जोड़कर कांग्रेस पर हमला कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आने वाला आधिकारिक पक्ष आगे की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।


