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मीरजापुर में बारिश का कहर: कच्चे मकान और दीवार बनी काल, चार लोगों की मौत से गांवों में पसरा मातम

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मीरजापुर। जिले में लगातार हो रही बारिश कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए आफत बन गई है। मड़िहान थाना क्षेत्र में बुधवार रात अलग अलग स्थानों पर कच्चे मकान और दीवार गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार बारिश के बीच हुए इन हादसों से गांवों में दहशत का माहौल है। हादसों के बाद पीड़ित परिवारों में चीख पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

बारिश की रात मौत बनकर टूटा कच्चा मकान

पटेहरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रजौहां गांव में बुधवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। गांव निवासी 70 वर्षीय रमाशंकर और उनकी 65 वर्षीय पत्नी अशोक कुमारी खाना खाने के बाद कच्चे मकान में सोए हुए थे। रातभर रुक रुककर बारिश हो रही थी। इसी दौरान अचानक उनका मकान भरभराकर गिर गया और दोनों पति पत्नी मलबे के नीचे दब गए।

मकान के पास टीनशेड के नीचे सो रहे उनके बेटे अजय को जब मकान गिरने की आवाज और घटना की जानकारी मिली तो वह तत्काल मौके पर पहुंचा। उसने आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों को मलबे से बाहर निकाला। आनन फानन में उन्हें मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

दूसरे गांव में भी ढहा कच्चा मकान, महिला की मौत

इसी पटेहरा चौकी क्षेत्र के बभनी थपनवा गांव में भी बारिश के बीच कच्चा मकान गिरने से बड़ा हादसा हो गया। 62 वर्षीय केवला देवी और उनके 65 वर्षीय पति हीरा ट्यूबवेल वाले मकान में सो रहे थे। इसी दौरान मकान अचानक भरभराकर गिर गया और दोनों मलबे में दब गए।

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सुबह राहगीरों की नजर मलबे पर पड़ी तो उन्होंने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक केवला देवी की मौत हो चुकी थी।

वहीं उनके पति हीरा को गंभीर हालत में मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

टॉर्च लेकर मकान देखने उठे पति, पत्नी को बचाने का मौका भी नहीं मिला

बरौंधा चौकी क्षेत्र के निबावल गांव में बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार गिरने से 46 वर्षीय आशा देवी की मौत हो गई। हादसे के समय आशा देवी अपने पति लाल बिहारी कोल के साथ मकान में सो रही थीं।

रात में लगातार बारिश के कारण लाल बिहारी टॉर्च लेकर मकान की स्थिति देखने के लिए उठे थे। वह पत्नी को भी बाहर निकलने के लिए सचेत कर पाते, उससे पहले ही दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। आशा देवी दीवार और मलबे के नीचे दब गईं।

परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद गंभीर हालत में उन्हें मंडलीय अस्पताल मीरजापुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही आशा देवी ने दम तोड़ दिया।

चार मौतों से गांवों में मचा कोहराम

एक ही थाना क्षेत्र में अलग अलग स्थानों पर हुए इन हादसों में चार लोगों की मौत से ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों के गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

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ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी डर है कि लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुके अन्य कच्चे मकान और पुरानी दीवारें भी गिर सकती हैं। इससे प्रशासन के सामने ऐसे मकानों की पहचान कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती बढ़ गई है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बरौंधा चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव पुलिस टीम के साथ निबावल गांव पहुंचे। पुलिस ने मृतका आशा देवी के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अन्य हादसों के संबंध में भी पुलिस और प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसों के बाद प्रभावित परिवारों की स्थिति और उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू की गई है।

कच्चे मकानों को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए निर्देश

लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों और जर्जर भवनों की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने अधिकारियों से कहा है कि बारिश के कारण जिन परिवारों के मकानों को खतरा है, उनकी स्थिति की तत्काल जांच की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और पीड़ित परिवारों को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बारिश में जर्जर मकानों से दूर रहने की अपील

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों में रहने से बचें। यदि किसी मकान की दीवार कमजोर हो गई है या उसमें दरारें दिखाई दे रही हैं तो वहां रहने के बजाय सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

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प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुके मकानों और दीवारों की स्थिति को देखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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