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उत्तराखंड में छह जिलों का किसान धरना स्थगित, मांगें नहीं मानीं तो खटीमा से देहरादून तक ट्रैक्टर मार्च की चेतावनी

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नई दिल्ली। उत्तराखंड में भारतीय किसान यूनियन के टिकैत गुट की ओर से छह जिलों में चल रहा तीन दिवसीय कलेक्ट्रेट धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। किसान नेताओं ने प्रशासन को किसानों और गरीबों से जुड़ी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए सरकार को अब कार्रवाई के लिए समय दिया है। सोमवार को जिलाधिकारी के साथ प्रस्तावित बैठक में मांगों पर चर्चा होगी।

किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा। इसके तहत रुद्रपुर में किसान कमेटी की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी और करीब एक महीने बाद खटीमा से ट्रैक्टर मार्च निकालकर देहरादून कूच करने की तैयारी की जाएगी।

तीन दिन के धरने के बाद किसानों ने फिलहाल टाला आंदोलन

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट की ओर से उत्तराखंड के छह जिलों में तीन दिवसीय कलेक्ट्रेट धरना आयोजित किया गया था। धरने के दौरान किसानों और गरीबों से जुड़ी आठ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

किसान नेताओं ने बताया कि धरने को किसानों का जोरदार समर्थन मिला। आंदोलन के दौरान प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखने के साथ ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। अब किसान संगठन प्रशासन और सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई का इंतजार करेगा।

किसान नेताओं का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को मांगों पर काम करने के लिए समय दिया है। यदि मांगें पूरी होती हैं तो सरकार और प्रशासन का आभार जताया जाएगा, लेकिन मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।

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डीएम के नहीं पहुंचने पर भी किसानों ने दिखाई सहमति

धरने के दौरान एक मुद्दा यह भी उठा कि जिलाधिकारी किसानों के बीच ज्ञापन लेने के लिए क्यों नहीं पहुंचे। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिलाधिकारी के घर में गंभीर परेशानी है।

प्रशासन ने किसान नेताओं को यह भी बताया कि आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी शाम या रात तक किसानों से मिलने के लिए आ सकते हैं। हालांकि किसान नेताओं ने इस स्थिति को देखते हुए सीडीओ को ज्ञापन सौंपने पर सहमति जताई।

किसान नेताओं ने कहा कि उनके लिए महत्वपूर्ण यह नहीं है कि ज्ञापन किस अधिकारी को सौंपा गया, बल्कि यह है कि सरकार उनकी मांगों को कितनी गंभीरता से लेती है और उन पर कब तक कार्रवाई करती है।

सोमवार को जिलाधिकारी के साथ होगी अहम बैठक

प्रशासन की ओर से किसान कमेटी को आश्वासन दिया गया है कि सोमवार को दोपहर तीन बजे जिलाधिकारी के साथ बैठक होगी। इस बैठक में किसानों की ओर से सौंपे गए आठ सूत्रीय मांगपत्र पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

किसान नेता बैठक में यह जानना चाहते हैं कि प्रशासन के स्तर पर कौन-कौन सी मांगों पर कार्रवाई संभव है और शासन स्तर पर भेजी गई मांगों पर सरकार कब तक फैसला लेगी।

किसान नेताओं के मुताबिक, कुछ मांगें जिला प्रशासन के स्तर पर हल हो सकती हैं, जबकि कुछ मांगों के लिए शासन स्तर पर नीतिगत निर्णय की आवश्यकता है। प्रशासन ने ऐसी मांगों को शासन तक भेजने का भरोसा दिया है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो खटीमा से निकलेगा ट्रैक्टर मार्च

किसान नेताओं ने आंदोलन को लेकर अपना अगला कदम भी स्पष्ट कर दिया है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो रुद्रपुर में किसान कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी।

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इस बैठक में देहरादून कूच की तारीख तय की जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि आज से लगभग एक महीने बाद खटीमा से ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी है। इसके जरिए देहरादून पहुंचकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

किसान नेताओं ने आंदोलन की तुलना कुछ वर्ष पहले हुए किसान आंदोलन से करते हुए कहा कि जिस तरह किसानों ने दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया था, उसी तरह देहरादून को भी घेरने की तैयारी की जाएगी।

सरकार के पास मांगें पूरी करने का समय

किसान नेताओं ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए पर्याप्त समय देने की बात कही है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन के पास करीब एक से डेढ़ महीने का समय है। इस दौरान यदि किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई हो जाती है तो आंदोलन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को टालती रही तो किसान फिर से धरना शुरू करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।

प्रशासन ने कहा, जिला स्तर की समस्याओं का समाधान करेंगे

प्रशासन की ओर से कहा गया कि भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट की ओर से धरना दिया गया और संगठन ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन ने बताया कि ज्ञापन को शासन को भेजने की प्रक्रिया पहले भी की गई थी और अब भी इसे आगे भेजा जा रहा है।

अधिकारी ने कहा कि सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में जिला स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव है, उन पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।

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प्रशासन का कहना है कि जिन मुद्दों पर शासन स्तर से निर्णय की आवश्यकता है, उन्हें भी संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

अब सोमवार की बैठक पर टिकी किसानों की नजर

तीन दिवसीय धरना स्थगित होने के बाद अब किसानों की नजर सोमवार को होने वाली जिलाधिकारी के साथ बैठक पर है। किसान संगठन इस बैठक में अपनी आठ सूत्रीय मांगों पर स्पष्ट समयसीमा और कार्रवाई की दिशा जानना चाहता है।

यदि बैठक में किसानों को ठोस आश्वासन मिलता है और मांगों पर कार्रवाई शुरू होती है तो आंदोलन फिलहाल टल सकता है। वहीं यदि किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो रुद्रपुर में अगली बैठक कर देहरादून कूच की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

फिलहाल प्रशासन और किसान संगठन के बीच बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन किसान नेताओं की चेतावनी से साफ है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में उत्तराखंड में आंदोलन का अगला चरण और अधिक व्यापक हो सकता है।

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