जकार्ता। भारत के वन्यजीव संरक्षण संगठन वनतारा ने इंडोनेशिया सरकार के साथ वन्यजीव स्वास्थ्य और संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत इंडोनेशिया में 10 मोबाइल पशु अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही हाथियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंडोनेशिया के प्रसिद्ध वे कंबास एलिफेंट हॉस्पिटल को भी आधुनिक उपकरणों और नई तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।
इस साझेदारी का उद्देश्य इंडोनेशिया में वन्यजीवों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना और दूरदराज के इलाकों में घायल या बीमार जानवरों तक समय पर उपचार पहुंचाना है। कार्यक्रम का नेतृत्व इंडोनेशिया सरकार और उसकी संबंधित एजेंसियां करेंगी, जबकि वनतारा विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाओं, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराएगा।
वे कंबास अस्पताल बनेगा एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर सेंटर
साझेदारी के तहत वे कंबास एलिफेंट हॉस्पिटल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र मानव देखभाल में रह रहे 62 सुमात्राई हाथियों के उपचार और देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा आसपास के जंगलों में रहने वाले करीब 100 जंगली सुमात्राई हाथियों के लिए भी इस केंद्र के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अस्पताल को आधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस करने का उद्देश्य हाथियों के उपचार और संरक्षण की क्षमता को और मजबूत करना है।
जरूरत की जगह पर पहुंचेगा मोबाइल पशु अस्पताल
इस साझेदारी की खास पहल 10 ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ यानी मोबाइल पशु अस्पतालों की शुरुआत होगी। इन मोबाइल अस्पतालों की मदद से वन्यजीवों को मौके पर ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
दूरदराज के जंगलों और ऐसे क्षेत्रों में जहां स्थायी पशु चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, वहां ये मोबाइल अस्पताल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। घायल या बीमार वन्यजीवों को तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
पशु चिकित्सकों और हाथी देखभालकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
वनतारा इस कार्यक्रम के तहत इंडोनेशिया के पशु चिकित्सकों और हाथियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी देगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य वन्यजीवों के उपचार, देखभाल और संरक्षण से जुड़ी स्थानीय क्षमता को मजबूत करना है।
वनतारा की विशेषज्ञ टीम अपने पशु चिकित्सा और संरक्षण अनुभव को इंडोनेशियाई विशेषज्ञों के साथ साझा करेगी। इसके माध्यम से वन्यजीवों की बीमारी की पहचान, उपचार और दीर्घकालिक देखभाल से जुड़ी विशेषज्ञता को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इंडोनेशिया सरकार के पास रहेगा संचालन
इस कार्यक्रम के तहत तैयार की जाने वाली सभी सुविधाओं का स्वामित्व और संचालन इंडोनेशिया सरकार के पास ही रहेगा। वनतारा की भूमिका विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाएं, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने तक रहेगी।
कार्यक्रम इंडोनेशिया सरकार और उसकी संबंधित एजेंसियों के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा। इससे स्थानीय संस्थाओं की क्षमता को मजबूत करते हुए देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
वन्यजीव संरक्षण क्षमता मजबूत करने पर जोर
इंडोनेशिया के वन मंत्री राजा जूली एंटोनी ने कहा कि इस साझेदारी से देश की अपनी वन्यजीव स्वास्थ्य और संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उनका कहना है कि वन्यजीवों की चिकित्सा और संरक्षण के क्षेत्र में संस्थागत क्षमता बढ़ाना लंबे समय के लिए महत्वपूर्ण है।
वहीं वनतारा के सीईओ विवान करानी ने कहा कि वनतारा अपनी पशु चिकित्सा और संरक्षण विशेषज्ञता इंडोनेशिया के साथ साझा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन इंडोनेशिया के लंबे संरक्षण अनुभव से सीखने का प्रयास करेगा।
सुमात्राई हाथियों के संरक्षण को मिलेगी मजबूती
सुमात्राई हाथी इंडोनेशिया के महत्वपूर्ण वन्यजीवों में शामिल हैं और उनके संरक्षण के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है। वे कंबास में विकसित होने वाला नया एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर सेंटर मानव देखभाल में रह रहे हाथियों के साथ ही आसपास के जंगली हाथियों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
मोबाइल अस्पतालों की सुविधा जुड़ने से संरक्षण क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता की पहुंच भी बढ़ने की उम्मीद है। इससे घायल या बीमार वन्यजीवों के लिए मौके पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय संरक्षण कार्यक्रमों का विस्तार
अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वनतारा की इंडोनेशिया के साथ यह साझेदारी उसके अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों के विस्तार का हिस्सा है। इस पहल के जरिए संगठन भारत के बाहर भी अपनी पशु चिकित्सा और वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञता साझा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इंडोनेशिया सरकार के साथ हुआ यह सहयोग वन्यजीव स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा प्रशिक्षण और संरक्षण बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच विशेषज्ञता के आदान प्रदान का माध्यम बनेगा।



