प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर का एक हिस्सा बीती रात अचानक ढह गया। मंदिर का हिस्सा गिरने से तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई। जोरदार आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई और कई लोग बाल बाल बच गए।
रात करीब 11 बजे अचानक आई तेज आवाज
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। मंदिर का हिस्सा तेज आवाज के साथ अचानक नीचे आ गिरा। घटना के समय आसपास के लोग अपने घरों में मौजूद थे। धमाके जैसी आवाज सुनते ही लोग घबराकर बाहर निकले और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने देखा कि स्वामीनारायण मंदिर की इमारत का एक हिस्सा ढह चुका था। हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
स्थानीय महिला ने बताया, आवाज सुनकर घर से निकले
स्थानीय निवासी गीता ने बताया कि वह मंदिर के पास ही रहती हैं। उनके मुताबिक, रात करीब 11 बजे अचानक बहुत तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास रहने वाले लोग तुरंत बाहर निकल आए।
गीता के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर मंदिर का एक हिस्सा गिरा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि इमारत का हिस्सा किस वजह से गिरा, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक मंदिर के पास ही एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था और संभव है कि निर्माण के लिए किए गए काम की वजह से यह हादसा हुआ हो।
गीता ने बताया कि गिरने के समय आवाज काफी तेज थी, जिससे आसपास रहने वाले लोग डर गए।
भूकंप जैसे झटके का हुआ अहसास
स्थानीय निवासी मोईन अली ने बताया कि अचानक हुई तेज आवाज से ऐसा लगा जैसे भूकंप का झटका आया हो। इसके बाद जब लोग बाहर निकले तो उन्हें धुआं उठता हुआ दिखाई दिया।
मोईन अली के मुताबिक, जब उन्होंने पास जाकर देखा तो स्वामीनारायण मंदिर का एक हिस्सा गिरा हुआ था। उन्होंने घटना का समय रात करीब साढ़े 11 बजे बताया।
उनका कहना है कि मंदिर परिसर में तीन मंजिला इमारत बनी हुई थी और उसके बगल में गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय लोगों को आशंका है कि बगल में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे की वजह से मंदिर की संरचना प्रभावित हुई होगी।
हादसे के बाद आसपास के लोगों में डर
घटना के बाद मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के नजदीक निर्माण कार्य चल रहा था, इसलिए हादसे के कारणों की जांच जरूरी है।
हालांकि, मंदिर का हिस्सा किन परिस्थितियों में ढहा, इसका वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। निर्माण कार्य और जमीन की स्थिति की जांच के बाद ही हादसे की सही वजह सामने आ सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने निर्माणाधीन मकान के लिए खोदे गए गड्ढे को संभावित वजह बताया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मंदिर की संरचना, आसपास चल रहे निर्माण कार्य और जमीन की स्थिति की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत का हिस्सा आखिर क्यों ढहा। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिसे बड़ी राहत माना जा रहा है।



