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आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर: 8 लोगों की मौत, 1,918 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

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अमरावती। चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण आंध्र प्रदेश में भारी तबाही हुई है। चक्रवात की चपेट में आने से राज्य में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 1,918.55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को नुकसान और राहत कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, सड़क और पेयजल व्यवस्था जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को तट से टकराए चक्रवात के कारण बापटला जिले में पांच, गुंटूर में दो और पलनाडु जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। चक्रवात से 1,43,122 हेक्टेयर कृषि भूमि में फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे 1,86,063 किसान प्रभावित हुए। इसके अलावा 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है और 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 983 मकान, 346 नौकाएं और मछली पकड़ने के 220 जाल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

फसलों के नुकसान का आकलन करने में लगेंगे 48 से 72 घंटे

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन करने में 48 से 72 घंटे का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने कृषि, बिजली, नगर प्रशासन और पंचायती राज समेत विभिन्न विभागों में हुए नुकसान की जानकारी ली और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।

लगातार दो चक्रवातों से प्रभावित राज्य की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल करने, सड़कों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह शुक्रवार को स्वयं चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे।

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बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम जारी

अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। एपीसीपीडीसीएल क्षेत्र में प्रभावित 1,103 फीडरों में से 871 को बहाल कर दिया गया है, जबकि 232 फीडरों पर काम बाकी है। क्षतिग्रस्त हुए 3,946 बिजली के खंभों में से 1,493 की मरम्मत की जा चुकी है।

सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग के अनुसार, प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों के 760.10 किलोमीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, सड़कों पर पेड़ गिरने से प्रभावित सभी 206 स्थानों को साफ कर दिया गया है।

पंचायती राज इंजीनियरिंग विभाग के मुताबिक, 74 ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुल 204.14 किलोमीटर सड़क प्रभावित हुई है। इन सड़कों के पुनर्निर्माण पर करीब 92.08 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

97.1 प्रतिशत दूरसंचार सेवाएं बहाल

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार तक राज्य के कुल 31,428 दूरसंचार टावरों में से 30,518 को दोबारा चालू कर दिया गया है। इससे 97.1 प्रतिशत दूरसंचार सेवाएं बहाल हो चुकी हैं। हालांकि, बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों के कुछ क्षेत्रों में सेवाएं बहाल करने का काम जारी है।

पंचायती राज विभाग ने बताया कि चक्रवात से 59 मंडल और 649 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। जल निकासी में बाधा डालने वाले सभी 336 अवरोधों को हटा दिया गया है। अधिकारी बाढ़ के पानी के प्रवाह, जलाशयों और नहरों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

जलाशयों और नहरों की स्थिति पर निगरानी

प्रकाशम बैराज में पानी का प्रवाह और निकासी दोनों 43,500 क्यूसेक पर बनाए रखे गए हैं। बैराज के 70 में से 60 गेट खुले हुए हैं। वहीं, बुडामेरु डायवर्जन चैनल में 6,047 क्यूसेक पानी बह रहा है। तम्मिलेरु में पानी का प्रवाह घटकर 26,000 क्यूसेक से 10,200 क्यूसेक रह गया है।

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राहत अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात

चक्रवात के दौरान राहत और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ की 11 टीमों, एनडीआरएफ की 13 टीमों और 390 अग्निशमन कर्मियों ने हिस्सा लिया। लोगों को समय रहते सतर्क करने और तैयारियों के लिए करीब 5.87 करोड़ चेतावनी संदेश भेजे गए।

राज्य सरकार ने तत्काल राहत और सहायता के लिए जिलों को 37 करोड़ रुपये जारी किए हैं। बिजली ढांचे, सड़कों, पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने का काम जारी है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति लौटाई जा सके।

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