लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन महीने के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में कथित तौर पर आयोजित किए गए मछली-भात यानी मछली भोज को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर धर्म को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। वहीं प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी अयोध्या की धार्मिक महत्ता का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं को ऐसे आयोजनों से बचने की नसीहत दी।
सावन में मछली भोज को लेकर विवाद
अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मछली-भात के आयोजन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। सावन के पवित्र महीने में धार्मिक नगरी अयोध्या में मांसाहारी भोजन के आयोजन को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
इस मामले को लेकर मंत्री ओपी राजभर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग चर्चा में बने रहने के लिए सावन के महीने में मछली भोज कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग धर्म को नहीं मानते और धर्म के नाम पर ढोंग करते हैं।
राजभर के बयान के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया है।
ओपी राजभर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सावन के महीने में मछली भोज को लेकर चर्चा में बने रहने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
उनके बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह मुद्दा एक बार फिर धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेशों से जोड़कर देखा जाने लगा है।
नरेंद्र कश्यप बोले, अयोध्या की धार्मिक आस्था समझनी चाहिए
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम भगवान श्री राम की जन्मभूमि है और यहां से पूरी दुनिया के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को स्वयं समझना चाहिए कि ऐसे धार्मिक शहर में किसी के स्वागत के लिए यदि संभव हो तो मांसाहारी भोजन से बचना चाहिए। उनके मुताबिक स्वागत के कई अन्य तरीके भी हो सकते हैं।
कश्यप ने इसे हिंदू समाज की भावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि इस तरह का आयोजन कांग्रेस नेताओं की ओर से हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों को चिढ़ाने जैसा है, जो उचित नहीं है।
अयोध्या की धार्मिक पहचान बनी राजनीतिक बहस का केंद्र
मछली भोज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अयोध्या की धार्मिक पहचान और राजनीतिक दलों की धार्मिक संवेदनशीलता तक पहुंच गया है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता जहां इसे हिंदू आस्था से जोड़कर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं इस तरह के राजनीतिक बयानों से आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने की संभावना है।
अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि होने के कारण देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों और राजनीतिक कार्यक्रमों में भोजन को लेकर भी राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी देखने को मिलती रही है।
चीनी के बढ़ते दामों पर भी बोले नरेंद्र कश्यप
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस दौरान चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चीनी के दामों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है और जिन जमाखोरों ने अवैध तरीके से चीनी का भंडारण किया है, उनकी जांच की जा रही है।
कश्यप ने कहा कि अवैध रूप से चीनी का भंडारण करने वालों को पकड़ा जा रहा है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीनी के दाम जल्द ही सामान्य स्थिति में आ जाएंगे।
जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई का दावा
नरेंद्र कश्यप के अनुसार सरकार ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर निगरानी बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने चीनी का अवैध भंडारण किया है, उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी है।
सरकार की ओर से यह कार्रवाई बाजार में चीनी की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने और कीमतों पर नियंत्रण के उद्देश्य से की जा रही है। मंत्री ने दावा किया कि कार्रवाई के बाद जल्द ही चीनी के दाम सामान्य होने की उम्मीद है।
धार्मिक मुद्दे के साथ महंगाई भी बनी चर्चा का विषय
अयोध्या में मछली भोज को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच चीनी की कीमतों का मुद्दा भी सामने आया। एक ओर कांग्रेस के स्वागत कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठाया, वहीं सरकार की ओर से चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर जमाखोरों पर कार्रवाई का दावा किया गया।
फिलहाल मछली भोज को लेकर दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। अयोध्या जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में हुए इस कथित आयोजन को लेकर आने वाले दिनों में भी बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।



