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उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन का फैसला, स्कूलों में छुट्टी, ऑनलाइन होगी पढ़ाई

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चंपावत। उत्तराखंड में लगातार बिगड़ रहे मौसम और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी येलो अलर्ट को देखते हुए चंपावत जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जनपद में भारी बारिश की आशंका के चलते मंगलवार 1 सितंबर 2026 को जिले के अधिकांश हिस्सों में सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, इस आदेश से टनकपुर और बनबसा क्षेत्र को बाहर रखा गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था जारी रखी जाएगी। यानी स्कूलों में भौतिक रूप से कक्षाएं नहीं लगेंगी, लेकिन शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराएंगे।

भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा

जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मनीष कुमार के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने इस संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान में 1 सितंबर को चंपावत जनपद में कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

पूर्वानुमान के अनुसार जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की स्थिति में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन्हीं संभावित परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

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कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों की छुट्टी

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार चंपावत जनपद के सभी शासकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए मंगलवार को अवकाश रहेगा।

इसके साथ ही जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों को भी एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, टनकपुर और बनबसा क्षेत्र को इस आदेश से बाहर रखा गया है। इन दोनों क्षेत्रों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को लेकर यह अवकाश आदेश लागू नहीं होगा।

स्कूल बंद, लेकिन ऑनलाइन क्लास रहेगी जारी

प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई को भी प्राथमिकता दी है। स्कूलों में भौतिक कक्षाएं बंद रहने के बावजूद ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाना जरूरी है। वहीं उनकी पढ़ाई में भी अनावश्यक व्यवधान न आए, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित किया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को विद्यार्थियों तक अध्ययन सामग्री और कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्य शिक्षाधिकारी चंपावत और जिला कार्यक्रम अधिकारी चंपावत को अवकाश संबंधी आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभागों से कहा गया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

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पहाड़ों में बारिश के साथ बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। कई स्थानों पर बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।

इसी को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की ओर जाने से बचने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

चंपावत में स्कूलों की छुट्टी का यह फैसला फिलहाल 1 सितंबर के लिए लिया गया है। मौसम की स्थिति और विभागीय पूर्वानुमान के आधार पर आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।

 


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