बिजली चोरी की बात आते ही अक्सर लोगों के ज़हन में झुग्गी-झोपड़ियां या अवैध बस्तियां आती हैं, लेकिन मुज़फ़्फ़रनगर में तस्वीर कुछ अलग निकली। शहर की सबसे पॉश और महंगी कॉलोनियों में शुमार ए-टू-ज़ेड कॉलोनी में बिजली विभाग ने जब दस्तक दी तो दो आलीशान कोठियों में मीटर से कथित छेड़छाड़ कर बिजली चोरी पकड़ी गई। करीब 200 से 250 कोठियों की जांच के दौरान सामने आए इस खुलासे ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या हाई-प्रोफाइल इलाकों में भी बिजली चोरी का खेल चल रहा है? विभाग ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज करा दी है।
‘धन्ना सेठों’ की कॉलोनी में बिजली विभाग की दस्तक
सोमवार को मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार यादव और अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह के निर्देशन में बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने 33/11 केवी जानसठ रोड उपकेंद्र से जुड़े ए-टू-ज़ेड कॉलोनी में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
यह वही कॉलोनी है, जहां बीजेपी के दिग्गज नेता एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान के साथ साथ शहर के कई बड़े कारोबारी और संपन्न परिवार रहते हैं। विभाग की टीम ने करीब 200 से 250 कोठियों की जांच की।

दो कोठियों के मीटर में ‘चोरी का जुगाड’ पकड़ में आया
जांच के दौरान दो कोठियों के बिजली मीटर में कथित टैम्परिंग मिली। विभाग का कहना है कि मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली का उपभोग किया जा रहा था। अधिकारियों एवं मौजूद कई मौजिज लोगों की मौजूदगी में विभागीय तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा मीटर को तोड़कर कथित ‘चोरी का जुगाड’ पकड़ा गया, जिसकी वीडियो भी सामने आई है।
कार्रवाई के तुरंत बाद दोनों उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई।
अब सिर्फ गरीब बस्तियां नहीं… अमीर इलाकों पर भी नजर
बिजली विभाग के इस अभियान को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि आमतौर पर बिजली चोरी की कार्रवाई झुग्गी-झोपड़ियों या ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है।
लेकिन इस बार विभाग ने सीधे शहर की पॉश कॉलोनी का रुख किया और कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि मीटर से छेड़छाड़ करने वाला चाहे किसी भी हैसियत का हो, कानून की नजर में सभी बराबर हैं।

‘मीटर से खिलवाड़’ अब पड़ेगा भारी
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मीटर टैम्परिंग कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा।
सहायक अभियंता (रेड) राघवेन्द्र कुमार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली चोरी न करें और समय पर बिल जमा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी बिजली चोरी मिलेगी, वहां सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल सिर्फ दो कोठियों का नहीं…
करीब ढाई सौ कोठियों की जांच के बाद दो मामलों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई यहीं तक सीमित रहेगी या शहर की दूसरी पॉश कॉलोनियों में भी ऐसे ही अभियान चलेंगे?
फिलहाल इतना तय है कि बिजली विभाग ने शहर के संपन्न इलाकों को साफ संदेश दे दिया है कि ‘कोठी जितनी बड़ी होगी, कार्रवाई भी उतनी ही बड़ी हो सकती है।’



