Home » गुनाह » दिल्ली में शातिर ठगों का अनोखा खेल! चलती कार बनी साइबर ठगी का कॉल सेंटर, पुलिस से बचने के लिए बदलते थे लोकेशन; 3 गिरफ्तार

दिल्ली में शातिर ठगों का अनोखा खेल! चलती कार बनी साइबर ठगी का कॉल सेंटर, पुलिस से बचने के लिए बदलते थे लोकेशन; 3 गिरफ्तार

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। साइबर ठगी के लिए शातिर आरोपियों ने कार को ही मोबाइल कॉल सेंटर बना रखा था। लोकेशन ट्रैकिंग और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी जगह बदलते रहते थे। दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक कार, सात मोबाइल फोन, 15 बैंक, डेबिट और मेट्रो कार्ड समेत बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओल्ड कोंडली निवासी लोकेश तोमर (37), शाहदरा निवासी तुषार (35) और कल्याणपुरी निवासी हिमांशु राठौर के रूप में हुई है।

65 हजार रुपये की ठगी की शिकायत से खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, यह मामला मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के रहने वाले नीलेश विश्वकर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि ठगों ने बीमा पॉलिसियों में निवेश किए गए 45 लाख रुपये वापस दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए आरोपियों ने उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 65 हजार रुपये ले लिए।

शिकायत मिलने के बाद पूर्वी जिले के साइबर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। इसके आधार पर हिमांशु राठौर से जुड़े इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते पर पुलिस को संदेह हुआ।

फर्जी बैंक खातों से रकम का लेनदेन

पुलिस ने संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन और ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने तथा आगे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की जांच की। इसी दौरान हिमांशु राठौर की भूमिका सामने आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ALSO READ THIS :  दिल्ली में वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर 6 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि आरोपी एक सफेद कार को अपने मोबाइल ऑपरेशनल बेस के रूप में इस्तेमाल करते थे। पुलिस की निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।

ओल्ड कोंडली में कार रोककर दो अन्य आरोपी पकड़े

हिमांशु से मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। फील्ड निगरानी के बाद पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के ओल्ड कोंडली इलाके में संदिग्ध कार को रोक लिया। इसके बाद कार में मौजूद लोकेश तोमर और तुषार को गिरफ्तार कर लिया गया।

कार से मिले मोबाइल, बैंक कार्ड और फर्जी दस्तावेज

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा 15 बैंक, डेबिट और मेट्रो कार्ड, पांच पैन कार्ड, चार आधार कार्ड या उनकी प्रतियां, छह चेकबुक, तीन पासबुक और एक हस्ताक्षरित चेक भी मिला है।

बरामद सामान में दो रेंट एग्रीमेंट, 11 पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, ग्राहकों की सूची वाले नौ पेज और एनपीसीआई नाम की एक संदिग्ध जाली मुहर भी शामिल है।

तीनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार, लोकेश तोमर पर पूरे ऑपरेशन का समन्वय करने और फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का संदेह है। तुषार कथित तौर पर अधिकारियों या प्रतिनिधियों का रूप धारण कर संभावित पीड़ितों से संपर्क करता था और उन्हें ओटीपी तथा बैंकिंग क्रेडेंशियल जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित करता था।

वहीं, हिमांशु राठौर पर कमीशन के बदले ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का संदेह है।

ALSO READ THIS :  दिल्ली के मैदान गढ़ी में पुलिस मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद वांछित बदमाश गिरफ्तार; दो अवैध हथियार बरामद

मुंबई और तेलंगाना तक कनेक्शन की जांच

पुलिस अब आरोपियों के मुंबई और तेलंगाना में सामने आए साइबर धोखाधड़ी के मामलों से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और ठगी की रकम का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें