नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने नकली भारतीय करेंसी की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहाड़गंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 2,65,100 रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई है।
बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) के रूप में हुई है। दोनों को पहाड़गंज स्थित नीलम गेस्ट हाउस में कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नकली करेंसी बेचने के इरादे से दिल्ली आए थे और इसके लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। उनकी योजना एक लाख रुपये की नकली करेंसी को 25 से 30 हजार रुपये की असली करेंसी के बदले बेचने की थी। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले उन्हें कोई ग्राहक नहीं मिला था।
2023 में भी नकली करेंसी के मामले में शामिल रहा एक आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक पहले भी नकली करेंसी से जुड़े मामले में शामिल रहा है। यह मामला वर्ष 2023 में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दर्ज हुआ था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें नकली करेंसी ‘एस’ नाम के व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी।
पुलिस अब कथित सप्लायर की पहचान करने और नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साथ ही करेंसी की छपाई, सप्लाई और प्रचलन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
ग्रेटर नोएडा में भी चार आरोपी जाली नोटों के साथ हुए थे गिरफ्तार
इससे पहले अक्टूबर में गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए गए थे, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये थी।
पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना नॉलेज पार्क की टीम ने ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया था।

