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मुज़फ़्फ़रनगर में बहनों पर कमेंटबाजी बनी हत्या की वजह: दोस्त की हत्या कर शव खेत में छिपाया, फिर मृतक के परिजनों के साथ SSP ऑफिस पहुंचा कातिल दोस्त, 10 दिन बाद खुला राज
मुज़फ़्फ़रनगर में बहनों पर कमेंटबाजी बनी हत्या की वजह: दोस्त की हत्या कर शव खेत में छिपाया, फिर मृतक के परिजनों के साथ SSP ऑफिस पहुंचा कातिल दोस्त, 10 दिन बाद खुला राज
मुज़फ़्फ़रनगर। दोस्त की हत्या करने के बाद शक से बचने के लिए आरोपी मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के साथ SSP कार्यालय तक पहुंच गया। वहां वह लापता अतुल की तलाश और कार्रवाई की मांग को लेकर मौजूद लोगों के बीच शामिल रहा, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। लेकिन करीब 10 दिन बाद पुलिस जांच में पूरा मामला खुल गया। मंगलवार को खतौली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने अतुल की हत्या के आरोप में उसके गांव के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का शव और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद करने का दावा किया है।
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कार्यालय पर SSP संजय कुमार वर्मा ने खुलासा करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। SSP के मुताबिक, मामला खतौली थाना क्षेत्र के गांव भैंसी का है। कपिल पुत्र संतरपाल ने 8 सितंबर को थाने में शिकायत देकर बताया था कि उसके भाई अतुल को गांव के सोनू और तालिब हत्या करने के उद्देश्य से गायब कर चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सोनू पुत्र अजयपाल और तालिब पुत्र दिलशाद को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की और उनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत से अतुल का शव तथा हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सोनू ने बताया कि अतुल उसका दोस्त था, लेकिन वह उसके बड़े भाई और छोटी बहन को लेकर गांव में लगातार टिप्पणी करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच करीब तीन महीने पहले विवाद भी हुआ था। आरोप है कि इसके बाद भी अतुल की कथित कमेंटबाजी जारी रही, जिसके चलते सोनू ने तालिब के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 28 अगस्त को बीयर पीने के दौरान हत्या की योजना बनाई थी। अगले दिन अतुल को अमरूद खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाया गया। उसे हाईवे किनारे खेतों की तरफ ले जाकर हत्या कर दी गई और शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया गया।
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी सोनू ने मृतक का मोबाइल भी अपने साथ ले लिया और बाद में उसे तोड़कर नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पुलिस जब अतुल की तलाश कर रही थी और उसके परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचे थे, तब आरोपी सोनू भी उन्हीं के साथ मौजूद था। पुलिस के मुताबिक वह जानबूझकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के बीच शामिल रहा, ताकि किसी को उसकी संलिप्तता पर शक न हो और वह जांच को गुमराह कर सके।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शव और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तारी से पहले क्षेत्र से बाहर भागने की फिराक में थे।
मुज़फ़्फ़रनगर में बहनों पर कमेंटबाजी बनी हत्या की वजह: दोस्त की हत्या कर शव खेत में छिपाया, फिर मृतक के परिजनों के साथ SSP ऑफिस पहुंचा कातिल दोस्त, 10 दिन बाद खुला राज
मुज़फ़्फ़रनगर। दोस्त की हत्या करने के बाद शक से बचने के लिए आरोपी मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के साथ SSP कार्यालय तक पहुंच गया। वहां वह लापता अतुल की तलाश और कार्रवाई की मांग को लेकर मौजूद लोगों के बीच शामिल रहा, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। लेकिन करीब 10 दिन बाद पुलिस जांच में पूरा मामला खुल गया। मंगलवार को खतौली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने अतुल की हत्या के आरोप में उसके गांव के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का शव और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद करने का दावा किया है।
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कार्यालय पर SSP संजय कुमार वर्मा ने खुलासा करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। SSP के मुताबिक, मामला खतौली थाना क्षेत्र के गांव भैंसी का है। कपिल पुत्र संतरपाल ने 8 सितंबर को थाने में शिकायत देकर बताया था कि उसके भाई अतुल को गांव के सोनू और तालिब हत्या करने के उद्देश्य से गायब कर चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सोनू पुत्र अजयपाल और तालिब पुत्र दिलशाद को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की और उनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत से अतुल का शव तथा हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सोनू ने बताया कि अतुल उसका दोस्त था, लेकिन वह उसके बड़े भाई और छोटी बहन को लेकर गांव में लगातार टिप्पणी करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच करीब तीन महीने पहले विवाद भी हुआ था। आरोप है कि इसके बाद भी अतुल की कथित कमेंटबाजी जारी रही, जिसके चलते सोनू ने तालिब के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 28 अगस्त को बीयर पीने के दौरान हत्या की योजना बनाई थी। अगले दिन अतुल को अमरूद खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाया गया। उसे हाईवे किनारे खेतों की तरफ ले जाकर हत्या कर दी गई और शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया गया।
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी सोनू ने मृतक का मोबाइल भी अपने साथ ले लिया और बाद में उसे तोड़कर नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पुलिस जब अतुल की तलाश कर रही थी और उसके परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचे थे, तब आरोपी सोनू भी उन्हीं के साथ मौजूद था। पुलिस के मुताबिक वह जानबूझकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के बीच शामिल रहा, ताकि किसी को उसकी संलिप्तता पर शक न हो और वह जांच को गुमराह कर सके।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शव और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तारी से पहले क्षेत्र से बाहर भागने की फिराक में थे।
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