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मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा पर नियमों का पहरा: मर्यादा में ही बजेगा डीजे, जातिगत गानों पर बैन, नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और जेल

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मुजफ्फरनगर। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश में आस्था और उत्साह का सैलाब उमड़ने वाला है। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक सावन मास की कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। इस बार की यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और मर्यादित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर पुलिस के आलाधिकारियों ने पुलिस लाइन सभागार में क्षेत्र के तमाम डीजे संचालकों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त बैठक की, जिसमें शासन द्वारा निर्धारित कड़े मानकों की जानकारी देते हुए साफ चेतावनी दी गई।

डीजे के लिए तय हुए सख्त मानक, मर्यादा लांघी तो जब्त होंगे उपकरण

बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए डीजे संचालकों को स्पष्ट गाइडलाइन सौंपी। नए नियमों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवाज की अधिकतम सीमा 75 डेसिबल निर्धारित की गई है।

प्रशासन ने दोटूक लहजे में डीजे संचालकों को सचेत किया है कि यदि कांवड़ यात्रा के दौरान इन मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो बीएनएस की सुसंगत धाराओं और ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत नियमों की धज्जियां उड़ाने पर एक लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना भुगतना पड़ सकता है और मौके पर ही महंगे साउंड उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक उपद्रव करने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर छह महीने तक की जेल और भारी जुर्माने का भी प्रावधान लागू किया गया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत पहले उल्लंघन पर एक लाख और दोबारा गलती करने पर पांच लाख रुपये तक के दंड की व्यवस्था है। इस सख्ती को अमली जामा पहनाने के लिए पुलिस ने सभी संचालकों से मौके पर ही एक कानूनी नोटिस और घोषणापत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए हैं।

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धार्मिक गीतों की ही मिलेगी अनुमति, भड़काऊ और जातिगत गानों पर पूरी तरह रोक

कांवड़ यात्रा का मार्ग मुजफ्फरनगर से होकर गुजरता है, जहां हरिद्वार हर की पौड़ी से पवित्र गंगाजल लेकर लाखों-करोड़ों शिवभक्त दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए आगे बढ़ते हैं। इस दौरान विशालकाय डीजे के साथ चलने वाली बड़ी कांवड़ों के कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और बिजली के तारों व सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचता है। हाल ही में हरिद्वार मार्ग पर पुलिस और कांवड़ियों के बीच एक विशाल डीजे से शिव भक्तों को उतारने को लेकर तीखी झड़प भी देखने को मिली थी, जिसमें एक कांवड़िए द्वारा कोतवाली इंस्पेक्टर को वर्दी उतरवाने की धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इन सब कड़वे अनुभवों को देखते हुए इस बार मुजफ्फरनगर पुलिस बेहद सतर्क है।

सीओ सदर राजू कुमार साव ने बैठक के बाद विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सभी डीजे स्वामियों को बुलाकर शासन की मंशा से अवगत करा दिया गया है। इस बार यात्रा के दौरान केवल त्योहार और मर्यादा से जुड़े धार्मिक भजन-कीर्तन ही बजाए जा सकेंगे। किसी भी तरह के जातिगत, सांप्रदायिक या किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भड़काऊ गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। डीजे संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे कांवड़ समितियों से एडवांस बुकिंग लेते समय ही इन नियमों की जानकारी उन्हें दे दें। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाहरी राज्यों या जिलों से आने वाले डीजे पर भी यह नियम समान रूप से लागू होंगे और नियमों का कड़ाई से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस की विशेष टीमें पूरे रूट पर तैनात रहेंगी।

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