मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान जहां लाखों शिवभक्त श्रद्धा और अनुशासन के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं इसी बीच सामने आए एक वायरल वीडियो ने यात्रा के दौरान नशे के कथित इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में कुछ कांवड़िए कथित तौर पर सड़क किनारे भांग तैयार करते और ‘सुल्फा’ का जिक्र करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो मुजफ्फरनगर के बझेड़ी क्षेत्र से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 की ओर जाने वाले रास्ते के बीच का है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो कब और किस सटीक स्थान पर बनाया गया, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सड़क किनारे भांग तैयार करने का कथित वीडियो
वायरल वीडियो में सड़क किनारे बैठे एक कांवड़िए को हरे पत्तों को दोनों हथेलियों के बीच रगड़ते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद वह हथेलियों पर जमा पदार्थ को निकालता हुआ दिखाई देता है।
वीडियो में कथित तौर पर वह इसे ‘बाबा जी की बूटी’ के रूप में तैयार करने की बात करता नजर आता है। आसपास कुछ अन्य शिवभक्त भी मौजूद दिखाई देते हैं। इस दौरान धार्मिक माहौल के बीच ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे भी सुनाई देते हैं।
वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की बातचीत और गतिविधियों से ऐसा प्रतीत होता है कि वे इस प्रक्रिया को सामान्य तरीके से कर रहे हैं। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि वहां तैयार किया जा रहा पदार्थ वास्तव में भांग या कोई अन्य नशीला पदार्थ ही था।
गुरुग्राम सेक्टर-10 का रहने वाला बताता है युवक
वीडियो में दिखाई देने वाला एक युवक खुद को हरियाणा के गुरुग्राम सेक्टर-10 का निवासी बताता नजर आ रहा है। वह सड़क पर बैठकर कथित तौर पर हरे पत्तों को दोनों हाथों से रगड़ता दिखाई देता है।
इसके बाद हथेलियों पर जमा पदार्थ को निकालते हुए पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड होती दिखाई देती है। वीडियो में मौजूद अन्य लोगों की मौजूदगी और बातचीत के बीच यह गतिविधि की जा रही है।
हालांकि, वीडियो में नजर आने वाले युवक की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला पदार्थ वास्तव में क्या है।
बझेड़ी से एनएच-58 की ओर जाने वाले रास्ते का बताया जा रहा वीडियो
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो बझेड़ी से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 की ओर जाने वाले रास्ते में बनाया गया था। वीडियो कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर इसके तेजी से वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
वीडियो सामने आने के बाद कांवड़ यात्रा के दौरान नशे के कथित इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भगवान शिव से जुड़ी लोक मान्यताओं और परंपराओं के संदर्भ में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक यात्रा के दौरान सार्वजनिक स्थान पर नशीले पदार्थों का कथित प्रदर्शन उचित नहीं है।
‘बाबा जी की बूटी’ शब्द ने खींचा लोगों का ध्यान
वायरल वीडियो में भांग तैयार करने की कथित प्रक्रिया के दौरान ‘बाबा जी की बूटी’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता दिखाई देता है। भगवान शिव और भांग का सांस्कृतिक एवं धार्मिक संदर्भ लोक परंपराओं में लंबे समय से मिलता रहा है।
हालांकि, धार्मिक मान्यता और सार्वजनिक स्थान पर किसी नशीले पदार्थ के सेवन या प्रदर्शन का कानूनी एवं सामाजिक पक्ष अलग विषय है। यही वजह है कि वीडियो ने आस्था, परंपरा और सार्वजनिक अनुशासन के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
हर-हर महादेव के जयकारों के बीच रिकॉर्ड हुआ वीडियो
वीडियो में कथित तौर पर भांग तैयार किए जाने के दौरान आसपास मौजूद शिवभक्त ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं। कांवड़ यात्रा के धार्मिक माहौल के बीच रिकॉर्ड किया गया यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है और रास्तों पर सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी करता है। ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधि का कथित वीडियो सामने आने के बाद लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
वीडियो की सत्यता और स्थान की पुष्टि बाकी
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, रिकॉर्डिंग की सटीक तारीख और स्थान तथा उसमें मौजूद पदार्थ की वास्तविक प्रकृति के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
वीडियो पुराना बताया जा रहा है और शुक्रवार रात इसके वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। ऐसे में वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों को आधिकारिक जांच या पुष्टि के बिना अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
आस्था और सार्वजनिक अनुशासन के बीच संतुलन पर सवाल
मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा का प्रमुख पड़ाव है और हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्त यहां से होकर गुजरते हैं। यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम करते हैं।
ऐसे में वायरल वीडियो ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत परंपराओं के साथ सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन की सीमा कैसे तय हो। जहां एक ओर भगवान शिव से जुड़ी लोक परंपराओं का अपना सांस्कृतिक संदर्भ है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर नशीले पदार्थों के कथित इस्तेमाल का विषय अलग कानूनी और सामाजिक पहलुओं से जुड़ता है।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर किसी कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने नहीं आई है। वीडियो की सत्यता, सटीक स्थान और उसमें दिखाई दे रहे पदार्थ की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



