मुजफ्फरनगर। श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने दीपावली के अवसर पर एक अनूठी पहल करते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। बच्चों ने उन्हें अपने हाथों से तैयार किए गए आकर्षक दीपावली शुभकामना कार्ड भेंट कर त्योहार की बधाई दी। साथ ही हस्तलिखित पत्रों के माध्यम से शहर की गंभीर समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की ओर उनका ध्यान भी आकर्षित किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, पूर्व चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, जिलाधिकारी एवं कलेक्टर उमेश मिश्रा (आईएएस) तथा अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) अमृत जैन से भेंट की।

इस विशेष अवसर पर विद्यार्थी दीपावली की थीम पर तैयार विशेष शर्ट पहनकर पहुंचे थे। रंग-बिरंगे दीपकों की आकृतियों से सजे इन परिधानों ने बच्चों के उत्साह और त्योहार के उल्लास को आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया।

यातायात, नशे और जलभराव की समस्याएं उठाईं
विद्यार्थियों की इस पहल की खास बात यह रही कि उन्होंने केवल दीपावली की शुभकामनाएं देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने पत्रों के जरिए शहर की कई महत्वपूर्ण समस्याओं को भी सामने रखा। बच्चों ने स्कूलों की छुट्टी के समय सड़कों पर होने वाली अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था, बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, विद्यालयों में बार-बार अवकाश घोषित होने से पढ़ाई पर पड़ने वाले प्रभाव और बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव जैसी समस्याओं पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।

विद्यार्थियों ने मांग की कि स्कूलों की छुट्टी के समय यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं और नशीले पदार्थों की बिक्री तथा बच्चों तक उनकी पहुंच रोकने के लिए प्रभावी निगरानी की जाए। इसके अलावा अनावश्यक रूप से बार-बार स्कूलों में छुट्टियां घोषित करने से बचने और बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील भी की गई।

बचपन से नागरिक जिम्मेदारी का संदेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। जब बच्चे छोटी उम्र से ही अपने शहर की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए आवाज उठाते हैं, तो यह स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की सकारात्मक शुरुआत होती है।
इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता, नागरिक कर्तव्यबोध और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और विचारों के माध्यम से संदेश दिया कि एक जागरूक नागरिक बनने की शुरुआत बचपन से ही होती है।
दीपावली की शुभकामनाओं, सुंदर कार्डों, विशेष परिधानों और शहर की समस्याओं के प्रति अपनी चिंता के साथ विद्यार्थियों का यह दीपावली मिलन यादगार अनुभव रहा। बच्चों की इस छोटी-सी पहल ने त्योहार की खुशियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए एक सार्थक संदेश दिया।
