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वायरल वीडियो ने मचाई खलबली, शाहपुर के तत्कालीन BDO पर गिरी गाज; मनरेगा में कमीशनखोरी के आरोपों की जांच के आदेश

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मुजफ्फरनगर। शाहपुर विकासखंड के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी परशुराम राम से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में कथित कमीशनखोरी से जुड़े आरोप लगाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

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मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए दो सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की है। समिति को मामले के सभी पहलुओं की जांच कर निर्धारित समयसीमा में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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उपायुक्त स्वतः रोजगार को बनाया जांच समिति का अध्यक्ष

प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति में उपायुक्त स्वतः रोजगार केएन पांडेय को अध्यक्ष बनाया गया है। जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है।

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जांच समिति वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करने के साथ ही उससे जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी। इसके अलावा संबंधित अभिलेखों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर पूरे मामले की तथ्यात्मक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

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वीडियो की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच होगी

प्रशासन ने जांच समिति को केवल वायरल वीडियो तक सीमित न रहने के निर्देश दिए हैं। समिति वीडियो के तकनीकी पहलुओं के साथ उसके कंटेंट और उसमें लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की भी जांच करेगी।

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वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, उसमें दिखाई या कही गई बातों की वास्तविकता क्या है और उसका मनरेगा कार्यों से क्या संबंध है, इन सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कही गई है। संबंधित विभागीय अभिलेख और उपलब्ध साक्ष्य भी जांच के दायरे में रहेंगे।

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जांच समिति अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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जांच के साथ तत्काल कार्रवाई, जिला मुख्यालय से संबद्ध किए गए तत्कालीन BDO

प्रशासन ने जांच के साथ ही तत्काल कार्रवाई भी की है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के क्रम में बुधवार रात करीब नौ बजे शाहपुर के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी परशुराम राम को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया।

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जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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हालांकि, तत्कालीन BDO को जिला मुख्यालय से संबद्ध किए जाने को जांच के दौरान की गई प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता अभी जांच का विषय है और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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शाहपुर BDO का अतिरिक्त प्रभार अरविंद कुमार त्यागी को

शाहपुर विकासखंड का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी कर दी है। BDO अरविंद कुमार त्यागी को शाहपुर विकासखंड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

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अब विकासखंड के नियमित कामकाज की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी के स्तर से संचालित की जाएगी, जबकि दूसरी ओर वायरल वीडियो और आरोपों की जांच समिति अपनी पड़ताल जारी रखेगी।

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मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने बढ़ाई चिंता

वायरल वीडियो में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है, इसलिए इससे जुड़े कार्यों और खर्च की पारदर्शिता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी रहती है।

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वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवालों के बीच प्रशासन ने जांच का रास्ता अपनाया है, ताकि आरोपों की वास्तविकता दस्तावेजी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सामने आ सके।

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जांच रिपोर्ट से खुलेगा आरोपों का सच

फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट को पूरे मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति की रिपोर्ट में वीडियो की वास्तविकता, संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्य सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

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प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में वास्तविक तथ्य भी सामने आ जाएंगे।

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फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच समिति गठित करने और तत्कालीन BDO को जिला मुख्यालय से संबद्ध करने की कार्रवाई के बाद शाहपुर विकासखंड से जुड़े इस मामले पर सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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