नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। लोकसभा से पारित इस विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को बताया कि कार्य संचालन नियमों के तहत विशेष व्यवस्था करते हुए विधेयक से जुड़े संशोधन प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है।
सभापति ने बताया कि सदस्यों को विधेयक का अध्ययन करने और संशोधन प्रस्ताव देने के लिए गुरुवार दोपहर तक का समय दिया गया था। इसके बाद प्राप्त संशोधन प्रस्तावों की जांच कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया है, ताकि सदन में आगे की संसदीय प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े प्रावधान
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह राज्यसभा में इस विधेयक को प्रस्तुत करेंगे। प्रस्तावित संशोधन में परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच को तेज करने, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से सुनवाई कराने और अपीलों के समयबद्ध निपटारे का प्रावधान किया गया है।
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक तथा संगठित गड़बड़ियों के मामलों को देखते हुए सरकार की ओर से यह संशोधन लाया गया है। इसका उद्देश्य लोक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बताया जा रहा है।
सजा और जुर्माने में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
विधेयक में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ पहले से अधिक कठोर कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 5 वर्ष की सजा का प्रावधान रखा गया है, जिसे बढ़ाकर 10 वर्ष तक किया जा सकता है।
इसके अलावा अधिकतम जुर्माने की राशि को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। वर्तमान प्रावधानों की तुलना में जुर्माने को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
सरकार का कहना है कि कठोर दंड व्यवस्था से परीक्षा माफिया और संगठित नकल गिरोहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी तथा छात्रों के हितों की रक्षा होगी।
राज्यसभा सभापति ने बताया कि लोकसभा से पारित विधेयक की प्रति मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सदस्यों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई थी। कम समय मिलने की स्थिति को देखते हुए सदस्यों को संशोधन प्रस्ताव देने के लिए विशेष अवसर प्रदान किया गया।
इस घोषणा के साथ ही राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराने की संसदीय प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।



