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’फुलत मदरसे में 10 सालों से हो रहा हिंदुओं का धर्मांतरण’: स्वामी यशवीर महाराज के दावे से मचा हड़कंप, कई लोगों के कथित धर्म परिवर्तन का आरोप

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मुज़फ्फ़रनगर। जनपद के खतौली तहसील क्षेत्र स्थित फुलत गांव के दारुल उलूम रहीमिया मदरसे को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मदरसे के संचालकों पर कथित तौर पर हिंदू समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और संदिग्ध तरीके से संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

स्वामी यशवीर महाराज ने जारी अपने बयान में दावा किया कि फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे में पिछले लगभग दस वर्षों से कथित रूप से हिंदू समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को पहले रोजगार, सहारा अथवा अन्य माध्यमों से अपने संपर्क में लाया जाता है और बाद में उनका कथित रूप से ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ व्यक्तियों के नाम भी सार्वजनिक किए। उनका दावा है कि भैसी निवासी जुगनू शर्मा का धर्म परिवर्तन कर उसका नाम अब्दुल रहमान रखा गया। इसी प्रकार मेरठ निवासी विक्रम का नाम बदलकर अकरम किए जाने तथा पंजाब के एक युवक का धर्म परिवर्तन कर शरीफ नाम रखने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ हिंदू युवतियों का कथित धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवकों से निकाह कराया गया।

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स्वामी यशवीर ने मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी पर पूरे कथित नेटवर्क का संचालन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जुबेर अंसारी की कई जिलों में बड़ी संपत्तियां हैं और उनकी आय के स्रोतों तथा फंडिंग की भी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मदरसे ने सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर रखा है और पूर्व में हुई जांच में इसकी पुष्टि होने के बावजूद अब तक कब्जा नहीं हटाया गया।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष, ईमानदार और निर्भीक अधिकारी से कराई जाए। साथ ही यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्वामी यशवीर ने कहा कि यदि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो उनके नेतृत्व में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा और फुलत मदरसे का घेराव भी किया जाएगा।

 

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