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श्रावस्ती में दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में दोनों चालकों की मौत, सड़क किनारे सो रहा परिवार मलबे में दबा

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श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग बौद्ध परिपथ पर शुक्रवार के तड़के एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है। नवीन मॉडर्न थाना क्षेत्र के अंतर्गत दो भारी ट्रकों के बीच हुई इस आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत में दोनों ट्रकों के चालकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, इस खौफनाक टक्कर के बाद लकड़ी से लदे ट्रक का पूरा माल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अपने घर के बाहर सो रहे एक मासूम परिवार पर जा गिरा। इस अप्रत्याशित आफत की चपेट में आने से एक दंपती और उनका तेरह वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत कार्य शुरू कर सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला।

सुबह पांच बजे हुआ हादसा, बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए घायल

पुलिस प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह भीषण दुर्घटना नवीन मॉडर्न थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरगौरा बस्ती स्थित विजयी पुरवा गांव के पास शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे घटित हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तरफ से लकड़ी से लदा हुआ भारी ट्रक गुजर रहा था, जबकि दूसरी दिशा से शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक्स) की बोतलों से भरा दूसरा ट्रक आ रहा था। विजयी पुरवा के समीप दोनों वाहनों में आमने-सामने की टक्कर इतनी विनाशकारी थी कि दोनों ट्रकों के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के जोरदार झटके से लकड़ी से लदे ट्रक का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और उस पर लदे भारी-भरकम लट्ठे सड़क किनारे घर के बाहर चारपाई बिछाकर सो रहे एक परिवार के ऊपर काल बनकर गिर पड़े।

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इस दर्दनाक हादसे में चारपाई पर सो रहे विजयी पुरवा निवासी बत्तीस वर्षीय अरुण कुमार पांडे उर्फ पिंटू, उनकी तीस वर्षीय पत्नी सीमा पांडे तथा उनका तेरह साल का बेटा पीयूष पांडे लकड़ियों के भारी मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए और गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय ग्रामीणों, एंबुलेंस और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भारी लकड़ियों को हटाकर तीनों को बदहवास हालत में बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद तीनों की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज बहराइच के लिए रेफर कर दिया।

क्रेन की मदद से निकाले गए शव, यातायात कराया गया सुचारू

दुर्घटना की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद दोनों ट्रकों के केबिन पूरी तरह पिचक गए, जिसके कारण दोनों ही चालकों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और वे वाहनों के भीतर ही बुरी तरह फंस गए। अत्यधिक आंतरिक चोटों और दम घुटने के कारण दोनों चालकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ट्रक का खलासी भी इस हादसे में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

नवीन मॉडर्न थाना प्रभारी निरीक्षक जयहरि मिश्र भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी कड़ी मशक्कत और गैस कटर का उपयोग कर ट्रकों के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटा और भीतर फंसे दोनों मृत चालकों के शवों को बाहर निकाला। इस भीषण हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग बौद्ध परिपथ पर कुछ घंटों के लिए वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्रेन को मौके पर बुलाया और दोनों क्षतिग्रस्त ट्रकों को बीच सड़क से हटवाकर किनारे करवाया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात को दोबारा सामान्य रूप से सुचारू किया जा सका।

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तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की मुख्य वजह

थाना पुलिस ने दोनों चालकों के शवों को पंचनामा भरकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक दृष्टि से यह प्रतीत होता है कि सुबह के समय दृश्यता की कमी, किसी एक वाहन चालक को झपकी आ जाना या फिर बेहद तेज रफ्तार के कारण वाहनों पर से नियंत्रण खो देना इस भीषण दुर्घटना की मुख्य वजह रही होगी। हालांकि, पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और वास्तविक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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