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यूपीटीईटी परीक्षा के दूसरे दिन कड़ा पहरा, जूड़े खुलवाकर और चूड़ियां उतरवाकर हुई जांच, बस्ती में ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की मौत

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को पूरे प्रदेश में सुरक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी का एक ऐसा कड़ा चक्र देखने को मिला, जिसने नकल माफियाओं और सॉल्वर गैंग की कमर तोड़कर रख दी। परीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की ऐसी सघन तलाशी ली गई कि कहीं महिलाओं के जूड़े खुलवाए गए तो कहीं चूड़ियां और आभूषण उतरवा लिए गए। इस बेहद कड़े और अभेद्य पहरे के बीच जहां एक तरफ प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह अलर्ट रहा, वहीं दूसरी तरफ बस्ती जिले से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई, जहां परीक्षा ड्यूटी के लिए जा रहे एक इक्यावन वर्षीय हेड कांस्टेबल की सड़क दुर्घटना में असामयिक मौत हो गई।

महाराष्ट्र में हाल ही में हुए टीईटी परीक्षा के पेपर लीक मामले से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और शिक्षा चयन आयोग इस बार कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। शुक्रवार की सुबह सवा सात बजे से पौने नौ बजे तक परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इस दौरान एडमिट कार्ड की सघन जांच के साथ-साथ बायोमेट्रिक मिलान और अत्याधुनिक रेटिना स्कैन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी भी स्तर पर कोई फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा हॉल के भीतर कदम न रख सके।

कहीं घूंघट तो कहीं जूड़े और चूड़ियों पर चली केंची, सुरक्षा में नहीं बरती ढील

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चेकिंग की बेहद दिलचस्प और सख्त तस्वीरें सामने आईं। ललितपुर में एक महिला अभ्यर्थी पारंपरिक घूंघट काढ़कर परीक्षा देने पहुंची, जिससे सुरक्षा कर्मी असमंजस में पड़ गए। जब महिला से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि वह अपने जेठ के साथ केंद्र तक आई है, इसलिए उसने मर्यादावश घूंघट कर रखा है। हालांकि, महिला पुलिसकर्मियों ने पूरी मर्यादा का ध्यान रखते हुए घूंघट हटवाकर उसकी गहन जांच की। उधर, गोरखपुर और हाथरस में चेकिंग की कड़ाई अपने चरम पर थी। गोरखपुर में महिला अभ्यर्थियों के बालों के क्लचर, हेयरपिन, हाथों की चूड़ियां और सोने-चांदी की ज्वेलरी तक को गेट पर ही उतरवा दिया गया, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की बेल्ट निकलवाकर जांच की गई।

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हाथरस में तो सुरक्षा के मद्देनजर महिला अभ्यर्थियों के सिर के जूड़े तक खुलवाकर देखे गए कि कहीं उनमें कोई माइक्रो ब्लूटूथ या चिप न छुपाई गई हो। इसके साथ ही पुरुषों के जूते उतरवाकर उन्हें नंगे पैर या चप्पल में परीक्षा हॉल के भीतर भेजा गया। इस कड़ाई के बीच मानवीय चेहरा भी देखने को मिला, जहां देश की राजधानी लखनऊ में एक महिला सिपाही ने समय से पिछड़ रहे एक परेशान अभ्यर्थी को अपनी स्कूटी पर बिठाकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया और उसका भविष्य खराब होने से बचा लिया।

बस्ती में सुबह साढ़े पांच बजे हुआ हादसा, सिपाही की मौत से महकमे में शोक

सुरक्षा के इन कड़े प्रबंधों के बीच सुबह-सुबह एक दुखद हादसे ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। बस्ती जिले में परीक्षा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात इक्यावन साल के हेड कांस्टेबल सुबह करीब साढ़े पांच बजे अपनी ड्यूटी प्वाइंट की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में हेड कांस्टेबल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए दिवंगत पुलिसकर्मी के परिजनों को सूचित किया। इस हादसे के बाद ड्यूटी पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।

एआई कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, पहले दिन दबोचे गए पंद्रह सॉल्वर

उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग इतिहास में पहली बार अपने नव-निर्मित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम के जरिए प्रदेश के सभी जिलों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहा है। चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सीधा फीड लखनऊ मुख्यालय से जुड़ा है, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर खुद अलार्म बजा देता है। इस आधुनिक निगरानी और खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर परीक्षा के पहले दिन यानी गुरुवार को राज्य के विभिन्न केंद्रों से कुल पंद्रह शातिर सॉल्वर दबोचे गए, जो मोटी रकम लेकर दूसरे असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने बैठे थे।

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा के पहले दिन कुल चौरासी दशमलव छिहत्तर फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। दोनों पालियों को मिलाकर कुल आठ लाख सात हजार छह सौ छतीस अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से छह लाख चौरासी हजार छह सौ चौदह अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा दी। शासन ने इस महापरीक्षा के लिए प्रदेश के साठ संवेदनशील जिलों में कुल नौ सौ पचपन अत्याधुनिक एग्जाम सेंटर बनाए हैं। यह परीक्षा शनिवार यानी चार जुलाई को भी अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जारी रहेगी। इस तीन दिवसीय परीक्षा में कुल उन्नीस लाख चौरानवे हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें से सत्रह लाख सड़सठ हजार एक सौ अस्सी परीक्षार्थी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जबकि दो लाख सत्ताईस हजार चार सौ इक्यासी अभ्यर्थी बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से परीक्षा देने पहुंचे हैं। विशेष बात यह है कि परीक्षा देने वालों में एक लाख पचासी हजार सात सौ इक्यानवे ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जो पहले से ही विभिन्न विभागों में सेवारत शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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