नई दिल्ली, 6 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धन्वंतरि जयंती और धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को आत्मसात करते हुए इस धनतेरस ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) उत्पादों को उपहार के रूप में चुनें और ‘लोकल वाली दिवाली’ मनाएं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि धनतेरस का पर्व समृद्धि, शुभता और मंगल का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रदेशवासियों को अपने उत्सव की खुशियों में उन मेहनती कारीगरों और शिल्पकारों को भी शामिल करना चाहिए, जिनकी कला और निरंतर मेहनत प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी समृद्ध कर रही है।
उत्तर प्रदेश के पारंपरिक शिल्पों को मिल रही वैश्विक पहचान
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और शिल्पकला का उल्लेख करते हुए कहा कि भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज का मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ खिलौने प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश का निर्यात वर्ष 2016-17 में 84 हजार करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह उपलब्धि प्रदेश के शिल्पकारों और दस्तकारों की उद्यमशीलता तथा सामर्थ्य को दर्शाती है।
एक्सपो मार्ट और कार्पेट बाजार से शिल्पों को मिल रहा मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ और ग्रेटर नोएडा के आधुनिक एक्सपो मार्ट तथा भदोही का ‘कार्पेट बाजार’ प्रदेश के पारंपरिक शिल्पों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला रहे हैं। इन प्रयासों से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
एक खरीदारी से मजबूत होगा हुनरमंद परिवार
योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को अपनाते हुए इस धनतेरस ओडीओपी उत्पादों को ही उपहार स्वरूप चुनें। उन्होंने कहा कि लोगों की एक खरीदारी किसी हुनरमंद परिवार के आंगन में स्वावलंबन और सम्मान का दीप जला सकती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ‘लोकल वाली दिवाली’ मनाने और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उन्होंने धन्वंतरि जयंती और धनतेरस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
