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मुजफ्फरनगर की 13 साल की आन्या सैनी बनी ‘गोल्डन गर्ल’! जू-जित्सु में गोल्ड-ब्रॉन्ज जीतकर बढ़ाया जिले का मान

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मुज़फ़्फ़रनगर। बेहड़ा अस्सा गांव की 13 वर्षीय आन्या सैनी और उसके परिवार के लिए बुधवार की सुबह खुशियों से भरी रही। नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश जू-जित्सु प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद जब आन्या सुबह करीब 8 बजे अपने घर पहुंची, तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। आन्या ने 24 और 25 अक्टूबर को नोएडा के प्रेसीडियम स्कूल में हुई प्रतियोगिता में 36 किलोग्राम भार वर्ग में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। कम उम्र में लगातार पदक जीतने वाली आन्या अब ज़िले में ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से पहचानी जा रही हैं।

आन्या बेहड़ा अस्सा गांव निवासी सेना में कार्यरत फौजी सुनील सैनी पुत्र विपिन सैनी की बेटी हैं। वह सहारनपुर के आशा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 7 की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ जू-जित्सु में उनकी रुचि और मेहनत ने उन्हें कम उम्र में ही अलग पहचान दिलाई है। मार्शल आर्ट के इस खेल में आन्या लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और उनकी उपलब्धियों से परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

आन्या की पदक जीतने की शुरुआत वर्ष 2024 की स्टेट लेवल जू-जित्सु चैंपियनशिप से हुई, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। वर्ष 2025 की स्टेट लेवल चैंपियनशिप में आन्या ने दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ष 2026 की नॉर्थ जोन जू-जित्सु चैंपियनशिप में भी उन्होंने दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इसके अलावा CBSC GAME 2024 में आन्या ने कांस्य पदक हासिल किया था। हालिया उत्तर प्रदेश प्रतियोगिता में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज जीतकर उन्होंने अपने पदकों के सफर में एक और उपलब्धि जोड़ दी।

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बेटी की सफलता पर फ़ौजी पिता सुनील सैनी ने कहा कि उन्हें आन्या पर गर्व है। बेटी ने जिस तरह पूरे परिवार, गांव और जिले का मान बढ़ाया है, उससे वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वहीं, मां रीता सैनी का कहना है कि आन्या उनके सपनों को साकार कर रही है। वह चाहती हैं कि बेटी का यह सफर इसी तरह आगे बढ़ता रहे और वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल करे।

आन्या का सपना भी अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करना है। उसने बताया कि वह नेशनल और इंटरनेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। कम उम्र में मिली इन सफलताओं ने उसके हौसले को और मजबूत किया है। अब आन्या की नजरें आगे की प्रतियोगिताओं पर हैं, जहां वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है।

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