नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश और मांगलिक आयोजन से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की जानकारी ली जाती है। पंचांग के माध्यम से दिन के शुभ और अशुभ समय का पता चलता है। सोमवार, 2 नवंबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन दोपहर 12:06 बजे तक शुभ योग रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा।
तिथि और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार दोपहर 2:51 बजे से शुरू होकर सोमवार दोपहर 1:10 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी, जो 3 नवंबर को सुबह 11:54 बजे तक रहेगी।
सोमवार को सूर्योदय सुबह 6:36 बजे और सूर्यास्त शाम 5:44 बजे होगा। चंद्रोदय रात 12:54 बजे होगा, जबकि अगले दिन दोपहर 1:25 बजे चंद्रास्त होगा।
स्वाति नक्षत्र में रहेंगे सूर्य देव
इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव और स्वामी ग्रह राहु हैं। इस नक्षत्र को स्वतंत्रता, गति और अपने निर्णय स्वयं लेने की प्रवृत्ति से जोड़कर देखा जाता है।
मान्यता है कि स्वाति नक्षत्र में सूर्य की स्थिति व्यक्ति को पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से काम करने की प्रेरणा देती है।
दोपहर 12:06 बजे तक शुभ योग
सोमवार को दोपहर 12:06 बजे तक शुभ योग रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग आरंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में शुभ योग को 27 नित्य योगों में से 23वां योग माना गया है। इसके नाम का अर्थ ही मंगलकारी, सौभाग्यशाली और पवित्र माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग के अधिष्ठाता देवता माता लक्ष्मी और स्वामी ग्रह सूर्य हैं। इसे सकारात्मक और शुभ फल देने वाला योग माना जाता है।
सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
2 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि लगभग 44 मिनट होगी। सामान्य रूप से अभिजीत मुहूर्त को दिन के अत्यंत शुभ समय में गिना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों के लिए अनुकूल परिणाम की कामना की जाती है। इसे पूजा-पाठ, महत्वपूर्ण निर्णय और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा समय माना जाता है।
रात 1:34 बजे से 3:07 बजे तक अमृतकाल
सोमवार को अमृतकाल रात 1:34 बजे से 3:07 बजे तक रहेगा। पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं में अमृतकाल को शुभ और सकारात्मक समयावधि माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, नए कार्यों की योजना और महत्वपूर्ण काम करने को अनुकूल माना जाता है।
राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचें
2 नवंबर को राहुकाल सुबह 8:00 बजे से 9:23 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। मान्यता के अनुसार, इस अवधि में नए व्यापार, मांगलिक कार्य या किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि, पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
यमगंड काल और गुलिक काल का समय
सोमवार को यमगंड काल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।
वहीं, गुलिक काल दोपहर 1:33 बजे से 2:57 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे भी नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय नहीं माना जाता। हालांकि, पहले से जारी कार्यों को जारी रखा जा सकता है।
तुला राशि में रहेंगे सूर्य, कर्क राशि में चंद्रमा
इस दिन सूर्य देव तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में तुला राशि को सूर्य की नीच राशि माना गया है। मान्यता के अनुसार, इस स्थिति में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की प्रवृत्ति प्रभावित हो सकती है।
वहीं, चंद्र देव कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। कर्क राशि चंद्रमा की अपनी राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा के अपनी राशि में होने से भावनात्मक संवेदनशीलता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को बल मिलता है।
सोमवार को पूर्व दिशा में रहेगा दिशाशूल
पंचांग के अनुसार, सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, दिशाशूल वाली दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दिन पूर्व दिशा की यात्रा करने से पहले पंचांग में बताए गए नियमों और मान्यताओं का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
2 नवंबर का पंचांग एक नजर में
| विवरण | समय |
|---|---|
| अष्टमी तिथि समाप्त | दोपहर 1:10 बजे |
| नवमी तिथि प्रारंभ | दोपहर 1:10 बजे |
| सूर्योदय | सुबह 6:36 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 5:44 बजे |
| चंद्रोदय | रात 12:54 बजे |
| चंद्रास्त | अगले दिन दोपहर 1:25 बजे |
| शुभ योग | दोपहर 12:06 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 बजे तक |
| अमृतकाल | रात 1:34 से 3:07 बजे तक |
| राहुकाल | सुबह 8:00 से 9:23 बजे तक |
| यमगंड काल | सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 बजे तक |
| गुलिक काल | दोपहर 1:33 से 2:57 बजे तक |
| दिशाशूल | पूर्व दिशा |
विशेष सूचना: पंचांग के मुहूर्त और समय स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर बदल सकते हैं। यहां दिए गए समय मूल जानकारी के आधार पर हैं।

