Home » विविध इंडिया » पब्लिक एग्जामिनेशन्स संशोधन विधेयक पर सपा का हमला, राम गोपाल यादव बोले- सिर्फ कानून नहीं, ईमानदार क्रियान्वयन जरूरी

पब्लिक एग्जामिनेशन्स संशोधन विधेयक पर सपा का हमला, राम गोपाल यादव बोले- सिर्फ कानून नहीं, ईमानदार क्रियान्वयन जरूरी

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सपा सांसदों का कहना है कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि कानून का ईमानदारी और प्रभावी तरीके से पालन कराना सबसे बड़ी चुनौती है।

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि देश में पहले भी कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन उनका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े हर स्तर पर पारदर्शिता और ईमानदारी जरूरी है। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई, सुरक्षित रखरखाव और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया भरोसेमंद लोगों के हाथों में होनी चाहिए।

पेपर लीक रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार की जरूरत: राम गोपाल यादव

राम गोपाल यादव ने कहा कि सिर्फ सख्त कानून बना देने से पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी तय नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित नहीं बनाया जाएगा, तब तक इस तरह की घटनाएं सामने आती रहेंगी।

उन्होंने छात्रों के हितों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी से सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले युवाओं को होता है। इसलिए सरकार को कानून के साथ-साथ व्यवस्था में सुधार पर भी ध्यान देना चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

राम गोपाल यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने भगवान राम के नाम पर चुनाव लड़ा और सत्ता हासिल की, उसी के शासन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे पर सवाल उठना गंभीर विषय है।

ALSO READ THIS :  राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- भारत में पेपर लीक आम बात, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार ने युवाओं का भविष्य छीना

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।

अवधेश प्रसाद बोले- कानून की सफलता सरकार की नीयत पर निर्भर

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी कहा कि देश में कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें लागू करने वाली व्यवस्था कितनी प्रभावी है। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि नए कानून को लागू करने की जिम्मेदारी किसके पास होगी और सरकार की मंशा क्या है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की छात्रों और युवाओं के प्रति नीयत स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, विधेयक पारित होना महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा इसके प्रभावी अमल की होगी।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

अवधेश प्रसाद ने छात्रों से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिसमें गोली चलाने की नौबत आई। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसके लिए जिम्मेदार कौन था।

उन्होंने दावा किया कि इस घटना में कई छात्र घायल हुए और कई को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि कार्रवाई का निर्णय किसी अधिकारी ने लिया था, बल्कि पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं देने का लगाया आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिलने के मुद्दे पर भी अवधेश प्रसाद ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार है।

ALSO READ THIS :  रक्षा तकनीक पर दुनिया का बढ़ता भरोसा, ब्रह्मोस-अस्त्र समझौते का पीएम मोदी ने किया जिक्र

उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद की भाषा या तरीके पर आपत्ति हो तो भी उसे अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। किसी जनप्रतिनिधि को बोलने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

सपा नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता, छात्रों के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें