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आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार: “उम्र कम होने से कोई युवा नेता नहीं बन जाता!”

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहे जाने पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने आकाश आनंद पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल उम्र कम होने से कोई युवाओं और छात्रों का नेता नहीं बन जाता। युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाना और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना ही वास्तविक नेतृत्व की पहचान है।

अंशु अवस्थी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकाश आनंद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वह खुद को युवाओं और छात्रों का नेता मानते हैं तो उन्हें उन मुद्दों पर भी खुलकर बोलना चाहिए, जिनसे देश के युवा और छात्र सीधे प्रभावित हो रहे हैं।

‘पेपर लीक और बेरोजगारी पर भी बोलिए’

कांग्रेस प्रवक्ता ने आकाश आनंद से सवाल किया कि यदि वह युवाओं की राजनीति करने का दावा करते हैं तो उन्हें पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े दूसरे गंभीर सवालों पर भी अपनी आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर आकाश आनंद की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अंशु अवस्थी ने कहा कि युवाओं के बीच लोकप्रिय होने या खुद को युवा नेता बताने के लिए केवल उम्र कम होना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार वास्तविक नेतृत्व तब साबित होता है जब कोई नेता युवाओं की समस्याओं के बीच खड़ा होकर उनके लिए संघर्ष करता है।

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संविधान पर टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस ने घेरा

अंशु अवस्थी ने आकाश आनंद की संविधान को लेकर की गई टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी लंबे समय तक बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों को अपनी राजनीतिक विचारधारा का आधार बताती रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में बाबा साहब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को लेकर किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने आकाश आनंद से संविधान का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संविधान और उसके मूल्यों का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

‘कांग्रेस और राहुल गांधी के बहाने संविधान का अपमान न करें’

अंशु अवस्थी ने कहा कि कम से कम भारत के संविधान का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी के बहाने संविधान को निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी खड़े हुए और जब भाजपा पर संविधान को बदलने की कोशिश करने के आरोप लगे, तब कांग्रेस ने उसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि संविधान को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करते समय राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

‘भाजपा और बसपा के बीच फिर क्या अंतर रह जाता है’

कांग्रेस प्रवक्ता ने आकाश आनंद के बयान के आधार पर बसपा की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि आकाश आनंद भी भाजपा पर संविधान बदलने का आरोप लगाने वालों की तरह ही बात कर रहे हैं, तो फिर बसपा और भाजपा के बीच अंतर क्या रह जाता है।

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उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान सभी की साझा जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भी निशाना

आकाश आनंद के राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहे जाने पर अंशु अवस्थी ने कहा कि युवाओं की राजनीति को केवल उम्र के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की उम्र कम होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह युवाओं का नेता बन गया है।

उन्होंने आकाश आनंद पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई नेता युवाओं के वास्तविक मुद्दों से दूरी बनाए रखता है और केवल राहुल गांधी तथा कांग्रेस पर टिप्पणी करता है, तो इससे युवा नेतृत्व स्थापित नहीं होता।

आकाश आनंद ने राहुल और अखिलेश को बताया था ‘अंकल’

गौरतलब है कि बसपा नेता आकाश आनंद ने हाल ही में राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दोनों को ‘अंकल’ बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों नेता अब युवाओं के नेता नहीं रह गए हैं।

आकाश आनंद के इसी बयान के बाद कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने एक तरफ उनके ‘युवा नेता’ होने के दावे पर सवाल उठाया है तो दूसरी तरफ संविधान से जुड़े उनके बयान को लेकर भी राजनीतिक हमला बोला है।

युवाओं के मुद्दों पर तेज हो सकती है सियासी जंग

आकाश आनंद के बयान और कांग्रेस के पलटवार के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं। दोनों दलों के नेताओं की ओर से एक दूसरे पर निशाना साधे जाने के बीच बेरोजगारी, पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और संविधान जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आते दिखाई दे रहे हैं।

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कांग्रेस का कहना है कि युवा नेतृत्व की पहचान केवल उम्र से नहीं बल्कि संघर्ष और मुद्दों पर सक्रियता से होती है। वहीं आकाश आनंद की राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई जुबानी जंग को जन्म दे दिया है।

 

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