नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी राजनीतिक मुकाबले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच होने की बात कही थी। इमरान मसूद ने कहा कि देश में मौजूदा समय में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है और भाजपा के खिलाफ इस लड़ाई का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं।
इमरान मसूद ने कहा कि इस राजनीतिक लड़ाई में अलग अलग दल सहयोगी की भूमिका में हैं, लेकिन नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव और विचारधारा की लड़ाई स्पष्ट है और इसमें सभी सहयोगी साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
भाजपा बनाम विपक्ष की लड़ाई में राहुल गांधी नेतृत्व कर रहे हैं
अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश में भाजपा बनाम समाजवादी पार्टी के मुख्य मुकाबले वाले बयान पर इमरान मसूद ने कहा कि देश के अंदर दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक विचारधारा का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं, जबकि दूसरी विचारधारा का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनावी मुकाबला नहीं बल्कि विचारधारा और देश में बदलाव की लड़ाई है। उनके मुताबिक इस लड़ाई में कोई एक तरफ से सहयोगी होगा तो कोई दूसरी तरफ से, लेकिन सभी सहयोगी मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
इमरान मसूद ने जोर देकर कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ी जा रही है और सभी सहयोगी उनके साथ हैं।
जेपीएनआईसी को निजी हाथों में सौंपने पर सरकार को घेरा
लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को निजी हाथों में सौंपने के योगी सरकार के फैसले पर भी इमरान मसूद ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले से तैयार की गई सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने और सरकारी व्यवस्थाओं को निजी हाथों में देने का काम कर रही है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार का संचालन ठेके की व्यवस्था की तरह किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरियों और आरक्षण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
नौकरियों और आरक्षण को लेकर कांग्रेस सांसद का हमला
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार नियमित नौकरियां देने से बच रही है, क्योंकि नियमित सरकारी नियुक्तियों में आरक्षण के प्रावधान लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से संविदा और ठेके की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जब देश में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को भी संविदा पर नियुक्त किया जा सकता है तो इससे सरकार की नीति की दिशा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की व्यवस्था देश को किस दिशा में ले जाएगी।
जेन जी को टैबलेट देने के फैसले पर भी साधा निशाना
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जेन जी को टैबलेट दिए जाने के फैसले पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल युवाओं को लुभाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद ने आईआईटी छात्रों से जुड़ी आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले पांच साल में आईआईटी के 70 छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि यदि देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी इस तरह के कदम उठा रहे हैं तो इससे देश की स्थिति को समझा जा सकता है।
हिजाब के फैसले पर बोले इमरान मसूद, पहनावे को धर्म के नजरिए से न देखें
इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें अदालत ने कहा था कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी व्यक्ति के पहनावे को धर्म के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति क्या पहनता है या क्या नहीं पहनता, इसे धर्म के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सिर ढकने को संस्कृति का हिस्सा बताया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक बहस तेज है।
कंगना रनौत के बयान पर भी इमरान मसूद का पलटवार
भाजपा सांसद कंगना रनौत की ओर से अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन की आलोचना किए जाने के सवाल पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कंगना रनौत पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने कपड़ों पर ध्यान देना चाहिए और उसके बाद दूसरों के पहनावे पर टिप्पणी करनी चाहिए।
इमरान मसूद ने कहा कि कंगना ने शायद कभी अपने कपड़ों पर ध्यान नहीं दिया होगा, फिर भी वह लगातार दूसरों के कपड़ों पर टिप्पणी करती रहती हैं।
यूपी में राजनीतिक समीकरणों को लेकर बढ़ रही बयानबाजी
इमरान मसूद के ताजा बयान से उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व को लेकर जारी बहस एक बार फिर सामने आ गई है। एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधे मुकाबले की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में व्यापक विपक्षी लड़ाई की बात कर रहे हैं।
ऐसे में आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच तालमेल, नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



