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राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, पहले CEO के नाम पर लगेगी मुहर? प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव पर भी मंथन

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अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अयोध्या में एक अहम बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही ट्रस्ट के स्तर पर होने वाले अन्य प्रशासनिक बदलावों और विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है।

मणिराम दास छावनी में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बैठक दो सत्रों में होगी, जिसमें ट्रस्ट की प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श होने की संभावना है।

राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO, तीन नामों पर ट्रस्ट की मुहर का इंतजार

राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन की प्रक्रिया काफी व्यापक स्तर पर पूरी की गई है। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। अब ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में इन तीन नामों पर विचार किया जाएगा और अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

सर्च कमेटी में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी सेवानिवृत्त, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली सेवानिवृत्त शामिल थे। समिति ने आवेदकों की योग्यता, सोच, प्रशासनिक समझ और भगवान राम के प्रति समर्पण समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तीन नामों की सिफारिश की है।

5,585 आवेदन से शुरू हुआ चयन, हर उम्मीदवार की हुई बारीकी से जांच

सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली ने बताया कि 11 जुलाई से 18 जुलाई के बीच कुल 5,585 आवेदन मिले थे। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य था।

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उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को सर्च कमेटी की बैठक हुई, जिसमें उम्मीदवारों की योग्यता को एक समान पैमाने पर परखने के लिए गूगल फॉर्म तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से उम्मीदवारों की शैक्षणिक और अन्य निर्धारित योग्यताओं के आधार पर अंक तय किए गए।

600 अंकों के पैमाने पर परखी गई योग्यता

सर्च कमेटी ने 600 अंकों का एक विस्तृत गूगल फॉर्म तैयार किया और सभी आवेदकों को भेजा। इनमें से 3,570 उम्मीदवारों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब दिया। इसके बाद प्राप्त जवाबों की बारीकी से जांच की गई।

समिति के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, उन्हें आगे की चयन प्रक्रिया के लिए योग्य माना गया। इसके बाद चयन प्रक्रिया को और अधिक सख्त करते हुए 108 उम्मीदवारों को एक अलग श्रेणी में रखा गया। इन उम्मीदवारों ने 600 में से 470 या उससे अधिक अंक हासिल किए थे।

108 उम्मीदवारों से वर्चुअल बातचीत, फिर 17 को बुलाया गया अयोध्या

पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली के मुताबिक 108 चयनित उम्मीदवारों के साथ चार दिनों तक वर्चुअल बातचीत की गई। इस बातचीत के बाद उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, सोच और पद की जिम्मेदारियों को समझने की क्षमता का आकलन किया गया।

वर्चुअल प्रक्रिया के बाद 17 उम्मीदवारों को अयोध्या धाम में आमने सामने बातचीत के लिए बुलाया गया। इनमें से 16 उम्मीदवार व्यक्तिगत बातचीत के लिए उपस्थित हुए। सभी उम्मीदवारों को अलग अलग मानकों के आधार पर अंक दिए गए।

सोच, मुद्दों की समझ और राम के प्रति समर्पण बना चयन का आधार

सर्च कमेटी ने अंतिम रूप से तीन नामों की सिफारिश की है। समिति के मुताबिक इन उम्मीदवारों का चयन केवल उनकी योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि उनकी सोच, संबंधित मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण को भी ध्यान में रखकर किया गया है।

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पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली ने कहा कि सीईओ का पद बेहद महत्वपूर्ण है और इसके लिए पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की विशेष आवश्यकता है। उन्होंने इस जिम्मेदारी से जुड़ने के अवसर को भगवान राम के प्रति कृतज्ञता का विषय बताया।

स्वामी गोविंद देव गिरि बोले, ट्रस्ट बोर्ड करेगा सिफारिशों पर विचार

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट बोर्ड की बैठक से पहले सर्च कमेटी की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या बैठक के बाद राम मंदिर के पहले सीईओ के नाम की घोषणा कर दी जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह मंदिर समिति के निर्णय पर निर्भर करेगा। ऐसे में अब सभी की नजरें ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं।

प्रबंधन से लेकर वित्त और निर्माण समितियों में बदलाव पर मंथन

राम मंदिर निर्माण के साथ साथ मंदिर परिसर के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुधवार की बैठक में प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के कामकाज तथा संभावित पुनर्गठन पर चर्चा होने की उम्मीद है। सीईओ की नियुक्ति के साथ इन समितियों की जिम्मेदारियों और प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हो सकता है।

अयोध्या में बढ़ते मंदिर प्रबंधन के दायरे के बीच अहम फैसला

राम मंदिर के निर्माण और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के साथ मंदिर ट्रस्ट के सामने प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में पहले सीईओ की नियुक्ति को मंदिर के संस्थागत और पेशेवर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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अब सर्च कमेटी की रिपोर्ट ट्रस्ट के पास पहुंच चुकी है और बुधवार की बैठक में अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि ट्रस्ट बोर्ड सिफारिशों को मंजूरी देता है तो अयोध्या राम मंदिर प्रशासन को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिल सकता है।


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