बिजनौर। पैजनिया-चांदपुर रोड स्थित पोटा धर्मू गांव में गन्ने के खेत के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक करीब 30 फीट गहरे सूखे कुएं में जा गिरा। कुएं के भीतर से गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके में हलचल मच गई।
ग्रामीणों ने जब कुएं में झांककर देखा तो गुलदार काफी गहराई में फंसा हुआ था। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और गुलदार को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
कुएं से आ रही थी गुलदार की दहाड़, ग्रामीणों में फैली दहशत
बताया गया कि ग्रामीणों ने गन्ने के खेत के पास बने सूखे कुएं से गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनी थी। आवाज लगातार आने पर कुछ ग्रामीणों ने सावधानी के साथ कुएं के पास जाकर देखा। वहां गुलदार को करीब 30 फीट गहरे कुएं में गिरा देखकर उनके होश उड़ गए।
गुलदार के कुएं में फंसे होने की जानकारी आसपास के ग्रामीणों तक पहुंचते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। गन्ने के खेतों के आसपास पहले से गुलदार की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। ऐसे में आबादी और खेतों के नजदीक गुलदार के मिलने की सूचना ने चिंता और बढ़ा दी।
रात में शुरू हुआ रेस्क्यू, दो घंटे तक चली मशक्कत
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अंधेरा होने और कुएं की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां थीं। वनकर्मियों ने बेहद सावधानी के साथ करीब दो घंटे तक अभियान चलाया। इस दौरान गुलदार को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर निकालते ही उसे तत्काल पिंजरे में कैद कर लिया गया, जिससे मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
मेडिकल परीक्षण के लिए रेंज कार्यालय ले जाया गया गुलदार
गुलदार के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम उसे मेडिकल परीक्षण के लिए रेंज कार्यालय लेकर गई। वहां उसके स्वास्थ्य और शरीर पर किसी तरह की चोट आदि की जांच की जानी थी।
रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी बरती, ताकि गुलदार को बाहर निकालते समय उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे और मौके पर मौजूद लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गुलदार के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि गन्ने के खेतों और आसपास के इलाकों में गुलदार की मौजूदगी के कारण काफी समय से डर का माहौल बना हुआ था।
गुलदार के कुएं में गिरने से एक ओर जहां ग्रामीणों को उसके हमले की आशंका थी, वहीं उसके कुएं में फंसे होने के कारण उसकी जान को भी खतरा था। वन विभाग की टीम के समय पर पहुंचने और सफल रेस्क्यू के बाद दोनों तरह की आशंकाएं फिलहाल टल गईं।
इन वनकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के दरोगा मुकुल त्यागी, सौरभ कुमार और सुमित कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन रक्षक गौरव और सागर कुमार के साथ वनकर्मी प्रदीप, गजेंद्र, अफजल, नेपाल, सुनील और सोनू समेत अन्य कर्मचारियों ने भी रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया।
करीब दो घंटे तक चले अभियान के बाद टीम ने गुलदार को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। रात के समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए इस रेस्क्यू के बाद वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
गुलदार के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अब वन विभाग की ओर से उसके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। वहीं, खेतों और आबादी के आसपास गुलदार की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।



