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अंकिता भंडारी केस में 24 घंटे का अल्टीमेटम, पिता बोले- न्याय नहीं मिला तो देशभर में होगा आंदोलन; CBI जांच की मांग पर अड़े

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नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अंकिता के माता-पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। परिवार ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराई है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और हिरासत में लिए गए कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है।

कांग्रेस के अनुसार, रिहाई के बाद अंकिता के माता-पिता एक रिश्तेदार के यहां रहने चले गए। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ खड़ी रहेगी।

पिता बोले- बेटी को अधूरा न्याय मिला

अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि सरकार को 24 घंटे का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देश के हर राज्य में लोग अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को अधूरा न्याय मिला है, क्योंकि मामले में एक वीआईपी का नाम सामने आने की बात कही गई थी। पिता ने जांच एजेंसी और सरकार पर उस कथित वीआईपी को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि न्याय नहीं मिला तो जनता आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेगी। हालांकि, कथित वीआईपी को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।

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पवन खेड़ा बोले- राहुल और प्रियंका गांधी ने परिवार को दिया भरोसा

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पीड़िता और उसके परिवार के समर्थन में आवाज उठाने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है।

खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग जारी रखेगी।

इमरान प्रतापगढ़ी बोले- हिरासत से आंदोलन की आवाज नहीं दबेगी

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस पहले भी अंकिता के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और आगे भी न्याय की इस लड़ाई में परिवार का समर्थन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी देश की हर बेटी के अधिकारों और न्याय के लिए आवाज उठाती रहेगी।

प्रतापगढ़ी ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जेल भेजकर आंदोलन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित पार्टी के अन्य नेताओं के समर्थन का भी उल्लेख किया।

सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे परिवार को राहत देने के बजाय उसके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सुबह के समय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को वहां से हटाया गया।

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श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके बयान के अनुसार, परिवार को न्याय दिलाने के बजाय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से मामला और गंभीर हो गया है।

राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग का भी जिक्र

कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि यह मामला अंकिता के माता-पिता की इच्छा और उनकी न्याय की मांग से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि परिवार राष्ट्रपति से मिलना चाहता है।

सप्पल ने कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों और जांच की मांग का भी उल्लेख किया। परिवार की मुख्य मांग सीबीआई जांच कराए जाने की है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग की है।

रिहाई के बाद भी जारी है न्याय की मांग

अंकिता भंडारी मामले को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अंकिता के पिता ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार परिवार की सीबीआई जांच की मांग पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल, परिवार और कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई होने तक न्याय की आवाज उठाई जाती रहेगी।

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