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अमेरिकी हमलों से दहला ईरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच 80 से ज्यादा ठिकानों पर बरसाए बम,नजफ से वतन लौटे राष्ट्रपति पेजेश्कियान

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तेहरान। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के कई प्रमुख शहरों में एक के बाद एक कई शक्तिशाली और भीषण विस्फोट हुए हैं। यह धमाके ऐसे समय पर हुए हैं जब पूरा ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के निधन के शोक में डूबा हुआ है। देश के शीर्ष नेतृत्व और आम जनता जब खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में व्यस्त थी, ठीक उसी वक्त अमेरिकी सेना द्वारा किए गए इन हमलों ने तेहरान से लेकर वाशिंगटन तक हड़कंप मचा दिया है। इराक के नजफ शहर में मौजूद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अमेरिकी हमलों की आपातकालीन सूचना मिलते ही अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत स्वदेश के लिए रवाना हो गए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का अमेरिका ने लिया बदला, सेंटकॉम ने दी चेतावनी

ईरान पर हुए इन हमलों के पीछे की वजह अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलमार्ग में बढ़ती आक्रामकता को माना जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिकी सेना के अनुसार, पिछले दिनों होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर ईरान ने कथित तौर पर हमले किए थे। अमेरिका ने इसे संघर्ष विराम का स्पष्ट और खुला उल्लंघन माना है। सेंटकॉम ने बेहद कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान को भारी और बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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सिरिक बंदरगाह और बंदर अब्बास में मिसाइल अटैक, तेल लाइसेंस रद्द होने से बढ़ा तनाव

विदेशी समाचार एजेंसियों और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के तटीय इलाकों में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। ईरान के प्रमुख पोर्ट शहर सिरिक, बंदर अब्बास और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम आइलैंड के पास एक के बाद एक कई धमाकों की गूंज सुनी गई है। ईरानी मीडिया का दावा है कि सिरिक बंदरगाह पर कई प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) सीधे आकर गिरे, जो वहां बने कमर्शियल और फिशिंग पियर्स (जहाज घाटों) से टकराए। इस सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान को बड़ा आर्थिक झटका देते हुए जून में जारी किया गया वह विशेष लाइसेंस रद्द कर दिया, जिसके तहत ईरान को २१ अगस्त तक कच्चे तेल की बिक्री और डिलीवरी की अस्थायी छूट मिली थी। अमेरिका के इस कदम से तेहरान पर चौतरफा दबाव बेहद बढ़ गया है।

शोक के बीच वतन लौटे राष्ट्रपति, ईरान ने कहा- अमेरिका ने किया समझौते का उल्लंघन

इन हमलों के बीच ईरान में राजनीतिक और कूटनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर इस समय इराक के नजफ में है, जहां से इसे कर्बला ले जाया जाना है और फिर गुरुवार को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इसी शोक सभा में शामिल होने नजफ गए थे, लेकिन बुधवार तड़के उन्हें आपातकाल में तेहरान लौटना पड़ा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने तेल लाइसेंस रद्द करके दोनों देशों के बीच हुए सहमति पत्र (एमओयू) का सीधे तौर पर उल्लंघन किया है। इस अप्रत्याशित सैन्य टकराव के बाद क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।

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